चरखी दादरी। बेटियों को अगर आगे बढ़ने के लिए पूरी आजादी दी जाए तो वे आसमान छू सकती हैं। छपार गांव निवासी गोधूराम सांगवान की पड़पोती इशिता सांगवान ने अपनी मेहनत के बलबूते फाइटर पायलट बनकर इसे साबित किया है। समय आने पर वह सेना का फाइटर प्लेन उड़ाकर दुश्मनों के दांत खट्टे करेंगी।
छपार गांव निवासी गोधूराम सांगवान के परिवार ने महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश की है। गोधूराम सांगवान के चार बेटे काशीराम, जयसिंह, जयलाल और जयपाल सांगवान थे। इन चारों बेटों की 9 बेटियां हैं। सभी बेटियां शिक्षित हैं। कुछ सरकारी विभागों में सेवाएं दे रही हैं तो कुछ की पढ़ाई जारी है।
विज्ञापन
गोधूराम सांगवान के पोते आजाद सांगवान ने बताया कि परिवार की सबसे बड़ी बेटी हैप्पी हरियाणा पुलिस में कार्यरत है। वहीं, सीमा डीपीएड के बाद एमपीएड कर रही हैं। परिवार की तीसरी बेटी रजनी दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर हैं। वहीं, चौथी बेटी मोनिका दिल्ली पुलिस में तैनात हैं, फिलहाल, कमांडो की ट्रेनिंग ले रही हैं। पांचवीं बेटी प्रीति नर्सिंग कोर्स कर रही है।
परिवार की छठी बेटी एवं इशिता की जुड़वां बहन आस्था एमबीबीएस कर रही हैं। उनका प्रथम वर्ष है। सातवीं बेटी दीक्षा एमएससी बायोटेक कर रही हैं। आठवीं बेटी नीति बीएड कर रही हैं।