चरखी दादरी। दुष्कर्म मामले का 12 लाख में समझौता करवाकर महिला को चार लाख व खुद आठ लाख हजम करने वाले पुलिसकर्मी इस मामले में एक साल पहले हुई विभागीय जांच में भी दोषी पाए जा चुके हैं। इस कार्रवाई में नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए उन्होंने डीजीपी कार्यालय में अर्जी दी थी, पर उनका ये पैंतरा ही उल्टा पड़ गया। उच्चाधिकारियों की ओर से करवाई गई जांच में विभागीय जांच की तरह सच सामने आ गया और इसके चलते ही तीनों पुलिस कर्मचारियों समेत महिला वकील पर बौंदकलां थाने में भ्रष्टाचार समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
बता दें कि मामले की विभागीय जांच शुरू होने से पहले राजबीर इंस्पेक्टर थे और वो बौंदकलां प्रभारी थे। इसके अलावा सविता एएसआई और संजय हेड कांस्टेबल थे। तत्कालीन एसपी दीपक गहलावत के संज्ञान में पुलिस अधिकारी ने मामला लाते हुए बताया था कि पहले एक दुष्कर्म केस दर्ज करवाया गया और उसके बाद मामले का 12 लाख में समझौता करवाया गया। चार लाख रुपये केस दर्ज करवाने वाली महिला को दिए गए जबकि आठ लाख रुपये महिला वकील और तीनों पुलिस कर्मचारियों ने रख लिए।
इसके बाद तत्कालीन एसपी ने इसकी जांच बाढड़ा डीएसपी को सौंपी थी। डीएसपी की जांच में आरोप तथ्य से मेल खा गए। आईजी कार्यालय ने रिपोर्ट के आधार पर राजबीर सिंह को इंस्पेक्टर से एसआई, सविता को एएसआई से हेड कांस्टेबल और संजय को हेड कांस्टेबल से सिपाही पद पर पदावनति (रिवर्ट) मिली थी। इसके चलते उन्होंने डीजीपी कार्यालय में अर्जी देकर सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। अब इस मामले में डीजीपी कार्यालय से मिले निर्देशों पर अमल करते हुए महिला वकील एवं दादरी बार एसोसिएशन की उप-प्रधान रह चुकी नरेश कुमारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में दोनों पक्षों में से एक ने कोर्ट में अभी याचिका दायर कर रखी है। फिलहाल ये मामला जिले में सुर्खियां बना हुआ है। वहीं इस मामले में डीएसपी सुभाषचंद ने केस दर्ज होने की पुष्टि की है।
- ये है मामला
दरअसल, 19 जुलाई 2022 को बौंदकलां थाने में दुष्कर्म और धमकी देने संबंधी केस दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस कर्मचारियों ने महिला वकील की मदद से 12 लाख में समझौता करवा दिया था। चार लाख रुपये पीड़ितों को देकर आठ लाख रुपये पुलिसकर्मी और महिला वकील अपने पास रख गए। इसके बाद मामला दर्ज करवाने वाली महिला के कोर्ट में बयान दर्ज करवा दिए। हालांकि इसी चर्चा बौंदकलां में शुरू हो गई और मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया। विभागीय जांच में तीनों पुलिस कर्मचारी दोषी पाए गए।
- तीनों ही पुलिसकर्मी अभी भी जिले में ही है तैनात
रिवर्ट से एसआई बने राजबीर, हेड कांस्टेबल सविता और कांस्टेबल संजय फिलहाल दादरी जिले में ही तैनात हैं। पुलिस अधिकारी की ओर से एसपी को दी गई रिपोर्ट में महिला अधिवक्ता नरेश कुमारी और उस दौरान हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत संजय को मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है।