साक्षरता दिवस विशेष:
निरक्षरों में 504 युवतियां और 292 युवक शामिल, उल्लास कार्यक्रम के जरिये शिक्षा विभाग बढ़ाएगा साक्षरता दर
मनोज राजपूत
चरखी दादरी। जिले की साक्षरता दर 67 प्रतिशत है। शिक्षा विभाग ने इसे और बढ़ाने की योजना तैयार कर ली है। इसके तहत जिले में 796 निरक्षर युवक-युवतियों की पहचान की गई है। इन्हें उल्लास कार्यक्रम के तहत शिक्षा से जोड़कर अक्षर ज्ञान दिया जाएगा। ये निरक्षर 18 से 25 आयुवर्ग में मिले हैं और खास बात ये है कि युवतियों की संख्या अधिक है।
शिक्षा विभाग की ओर से उल्लास के तहत हाल ही संपन्न हुए सर्वे में जिलेभर के विद्यार्थियों व अध्यापकों के निजी प्रयासों से जुटाए गए आंकड़ों में 18 से 25 आयुवर्ग में युवतियों की संख्या 504 पाई गई है जबकि पुरुषों की संख्या 292 है। अब शिक्षा विभाग की ओर से जिले के साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए जिला उपायुक्त के मार्गदर्शन में एक कमेटी बनाई गई है। ये कमेटी आगामी पांच सालों तक साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए काम करेगी। ये कमेटी विशेषकर ड्रापआउट युवकों के हाथों में पुन: किताब थमाने का काम करेगी। साथ ही कमेटी की ओर से पूर्व अध्यापकों, समाजसेवियों, अध्यापकों, पढ़े-लिखे युवाओं का सहयोग लिया जाएगा।
- एप पर किया जा रहा निरक्षरों का पंजीकरण
उल्लास एप के माध्यम से निरक्षरों को साक्षर करने के लिए एक सितंबर से 8 सितंबर तक उल्लास जन-जन साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत निरक्षरों की पहचान कर उल्लास एप पर पंजीकरण कराया जाएगा। पंजीकरण करवाने वालों को एनजीओ, स्वयंसेवकों, पूर्व अध्यापकों सहित अन्य माध्यमों से साक्षर करने का प्रयास किया जाएगा।
- 2027 तक जिले को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य
वर्ष 2027 तक जिले को शत प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए उल्लास जन जन साक्षर अभियान के तहत प्रभावी रूप से काम किया जाएगा। इसमें जिला उपायुक्त की देखरेख में एक कमेटी बनाई जाएगी जो इस कार्य की जिलेभर में निगरानी रखेगी। इस कमेटी में खंड विकास एवं पंचायत विभाग के साथ जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, ग्राम स्तर पर कमेटियों का गठन, एनजीओ, स्वयंसेवकों को भी शामिल किया जाएगा। इन कमेटियों पर खंड शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से निगरानी रखेंगे।
जिले में साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए नवभारत साक्षर कार्यक्रम उल्लास मील का पत्थर साबित होगा। एक से आठ सितंबर तक जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिले में प्रथम चरण में 796 निरक्षरों की पहचान की गई है। इन्हें साक्षर बनाने के लिए उपायुक्त की देखरेख में बनाई गई कमेटी लगातार सालभर गतिविधियों का आयोजन करेगी। शुक्रवार को जिलाभर में विद्यालय स्तर पर प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। कमेटी में शामिल अधिकारियों की ओर से इनका निरीक्षण किया जाएगा।
-कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी चरखी दादरी