संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। रोहतक रोड पर बनने वाले ओवरब्रिज के रिवाइज एस्टीमेट को जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने रिवाइज एस्टीमेट के जरिये सरकार से 78.13 करोड़ का बजट मांगा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बजट स्वीकृत होते ही अगली प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। प्रयास है कि जल्द से जल्द ओवरब्रिज निर्माण का काम शुरू करवाया जा सके।
दरअसल, रोहतक फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की योजना करीब 13 साल पहले कांग्रेस शासनकाल में तैयार हुई थी। उस दौरान इस परियोजना को ड्रॉप किया गया। बाद में भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस ओवरब्रिज का दोबारा एस्टीमेट मांगा था। उस दौरान पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने टू-लेन फोरलेन के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट मांगा था। चार साल तक मसला ठंडे बस्ते में रहने के बाद सरकार ने ओवरब्रिज को फोरलेन बनाने के निर्देश देकर रिवाइज एस्टीमेट मांगा था। दूसरे एस्टीमेट में बजट राशि बढ़कार 45 करोड़ रुपये की गई थी।
अब तीसरी बार ओवरब्रिज का रिवाइज एस्टीमेट भेजा गया है और इसमें निर्माण के लिए 78 करोड़ 13 लाख रुपये का बजट मांगा गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार वो मुख्यालय के संपर्क में है और उम्मीद है कि जल्द ही तीसरी बार भेजे गए एस्टीमेट को मंजूरी मिल जाएगी।
- 900 मीटर लंबा बनना है आरओबी
आरओबी लगभग 900 मीटर लंबा और फोरलेन बनना है। आरओबी के बीच डिवाइडर और दोनों तरफ फुटपाथ बनाए जाएंगे। रेलवे लाइन के ऊपर के हिस्से का निर्माण रेलवे और बाकी का पीडब्ल्यूडी करवाएगी।
- प्रतिदिन 40 ट्रेनों का होता है आवागमन
रेलवे लाइनों का दोहरीकरण होने के बाद से दादरी स्टेशन से गुजरने वालीं ट्रेनों की संख्या बढ़ी है। इस समय प्रतिदिन 40 ट्रेनें दादरी स्टेशन से गुजरती हैं और इनके चलते दिन में 40 बार फाटक बंद होता है। एक बार फाटक बंद होने पर 10 से 15 मिनट का समय लग जाता है।
- जाम से मिलेगी मुक्ति, हादसे की संभावना होगी कम
रोहतक रोड रेलवे फाटक अधिकतर समय बंद रहने के कारण यहां से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक जल्दी जाने के चक्कर में सभी कायदे कानून भूलकर रेलवे फाटक के नीचे से निकलने में भी गुरेज नहीं करते हैं। ऐसे में हादसे की संभावना बनी रहती है। आरओबी निर्माण के बाद हादसे होने की आशंका खत्म हो जाएगी।
वर्सन:
आरओबी निर्माण के लिए रिवाइज एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। जल्दी ही इसे मंजूरी मिलने की संभावना है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
-अश्वनी भारद्वाज, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी विभाग