श्यामकलां गांव के राजकीय स्कूल में तैनात था दोषी, द्वारका निवासी सुनील ने वर्ष 2015 में दर्ज कराया था केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। श्यामकलां राजकीय हाई स्कूल के पूर्व बर्खास्त मुख्याध्यापक को हाजिरी रजिस्टर में काट-छांट कर शिक्षा विभाग को वित्तीय हानि पहुंचाने के मामले में कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मीनाक्षी यादव की कोर्ट ने दोषी राजमल को सात साल की सजा सुनाई है। अलग-अलग धाराओं में उस पर जुर्माना भी लगाया है।
द्वारका गांव निवासी सुनील पुत्र शेर सिंह ने वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्याध्यापक राजमल पर केस दर्ज कराया था। उस पर आरोप था कि बिना सूचना गैरहाजिर रहने पर स्टाफ ने उसकी गैरहाजिरी भरी थी, लेकिन, राजमल ने बाद में स्कूल में आकर स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर में अपनी गैर हाजिरी कॉलम में काट-छांट करके उपस्थिति दर्ज की।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद न्यायालय में राजमल के खिलाफ चालान पेश किया था, जिसकी लंबी सुनवाई चली। शुक्रवार को कोर्ट ने राजमल को धारा 420, 467, 468 आईपीसी में सात-सात साल कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। वहीं, दोषी राजमल को हिरासत में लेकर भिवानी जेल भेजा गया है।
शिकायतकर्ता की तरफ से मामले की पैरवी करने वाले वरिष्ठ एडवोकेट ने बताया कि राजमल के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करने के बाद शिक्षा विभाग ने भी आरोप की जांच की थी। इसमें भी राजमल को दोषी पाया गया था। दिसंबर 2022 में उसे बर्खास्त किया गया था।