चरखी दादरी। जिले में इस साल 6128 विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा पास की है। इनमें से अब तक 1528 विद्यार्थियों ने ही जिले के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लिया है। दो मेरिट लिस्ट लगने और ओपन काउंसिलिंग जारी रहने के बाद भी कॉलेजों में 50 फीसदी सीटें खाली पड़ी हैं। हालांकि कयास लगाए जा रहे है कि जिले में मनपसंद विषय का कोर्स न होने के चलते इससे अधिक विद्यार्थी दूसरे जिलों के शिक्षण संस्थानों में दाखिला ले रहे हैं।
स्नातक कोर्स में दाखिला लेने के लिए पहली और दूसरी मेरिट लिस्ट के बाद अब ओपन काउंसिलिंग में भी विद्यार्थी दाखिला नहीं ले रहे हैं। ओपन काउंसिलिंग में बीए संकाय में तो फिर भी दाखिले हो रहे हैं, लेकिन अन्य संकायों में संख्या काफी कम है। बुधवार की अगर बात करें तो जिले के विभिन्न कॉलेजों में 17 ही दाखिले हुए हैं।
शहर के जनता कॉलेज, एपीजे महिला कॉलेज, राजकीय पीजी कॉलेज, बाढड़ा महिला कॉलेज, राजकीय कॉलेज कादमा और मांढी हरिया कॉलेज की कुल सीटों में से बुधवार तक करीबन पचास सीटों पर ही दाखिले हुए हैं। इन सभी कॉलेजों की विभिन्न संकायों की कुल 2980 सीटें हैं और इनमें से 1538 सीटें ही अब तक भर पाई है। विभिन्न कॉलेजों में बीकॉम संकाय की करीब 76 प्रतिशत सीटें खाली हैं। वहीं, बीएससी संकाय में करीबन 64 प्रतिशत सीटें खाली है।
किसी कॉलेज में नहीं मनचाहा कोर्स तो किसी में शिक्षकों की कमी
जिले के कॉलेजों से विद्यार्थियों का मोह भंग होने के दो मुख्य कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण जिले के कॉलेजों में मनपसंद कोर्स न होना है जबकि दूसरा कारण शिक्षकों की कमी भी है। जिला मुख्यालय पर गत वर्ष से शुरू किए गए राजकीय कॉलेज की बात करें तो शिक्षकों के 90 प्रतिशत पद यहां खाली हैं और इस कॉलेज में दाखिले भी बेहद कम हुए हैं।
जनता कॉलेज में सबसे अधिक तो राजकीय कॉलेज में सबसे कम दाखिले
कॉलेजों में दाखिला की बात की जाए तो राजकीय कॉलेज कादमा में बीए और बीकॉम संकाय की 108 सीटों पर दाखिलें हो चुके हैं। इसी प्रकार से राजकीय कॉलेज मांढी केहर में बीए में 148 दाखिले हुए हैं। राजकीय कॉलेज बाढड़ा में 332 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। जनता कॉलेज में अब तक 572 सीटों पर दाखिले हुए हैं। एपीजे महिला महाविद्यालय के बीए संकाय में 233 छात्राएं दाखिला ले चुकी हैं। दादरी राजकीय कॉलेज में अब तक 81 दाखिले ही हुए हैं।