बता दें कि जिले का खनन विभाग सरकार को राजस्व देने के मामले में पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। ऐसे में यहां अवैध खान से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। वर्ष 2023 में जनवरी से अक्तूबर तक के आंकड़े भी यही बयां कर रहे हैं। खनन विभाग की टीम ने माइनिंग जोन में अवैध खनन के कई मामले पकड़े हैं। माहवार बात करें तो अवैध खनन के औसतन तीन से चार केस मिले हैं।
नवंबर में ग्रैप-3 लागू होने के चलते खनन और क्रशर जोन बंद रहे और इसके चलते इस माह इस तरह के केस नहीं मिले। हालांकि पाबंदी के बावजूद अवैध खनन करने पर टीम ने एक पॉकलैंड को जब्त कर फर्म संचालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई।
- 9 खनन जोन और 260 क्रशर
खनन निरीक्षक कोमल कुमार ने बताया कि जिले में 9 खनन जोन हैं जबकि 260 क्रशर हैं। इन सबकी निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए विभाग ने टीमें गठित की हुई हैं जो मौके पर जाकर जायजा भी लेती हैं। इसके अलावा क्षेत्र में जहां भी मिट्टी के अवैध उठान की शिकायत मिलती है वहां पहुंचकर भी टीम कार्रवाई कर रही है।
- प्रतिदिन चलते हैं पांच हजार से ज्यादा डंपर और ट्रॉले
दादरी जिले से भवन निर्माण सामग्री प्रदेश के अन्य जिलों के साथ दूसरे प्रदेशों में भी पहुंचती हैं। दादरी खनन क्षेत्र से करीब 20 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ है। वहीं, जिले से प्रतिदिन पांच हजार से ज्यादा डंपर और ट्रॉले भवन निर्माण सामग्री लेकर गुजरते हैं।
- जानिये...किस माह हुई क्या कार्रवाई
माह - वाहन पकड़े - जुर्माना वसूला - एफआईआर दर्ज करवाई
फरवरी 03 649008 02
मार्च 01 556873 00
अप्रैल 01 313500 01
मई 02 633000 01
जून 01 00 01
जुलाई 10 730700 00
अगस्त 04 222208 01
सितंबर 02 830850 04
अक्तूबर 00 00 01
नवंबर 00 00 00
वर्सन:
विभागीय टीम जिले में अवैध खनन पर कार्रवाई करती हैं। माइनिंग व क्रशर जोन के साथ मिट्टी का अवैध उठान करने वालों पर भी टीमों की नजरें हैं। इस वर्ष विभाग 11 एफआईआर दर्ज करवा चुका है जबकि 80 लाख से अधिक की जुर्माना राशि वसूली गई है।
-कोमल कुमार, निरीक्षक, खनन विभाग