बिरहीकलां के डाइट में प्राचार्याें को संबोधित करते प्रोफेसर भूपेंद्र।
चरखी दादरी। जब तक धर्म को विज्ञान की कसौटी पर नहीं कसेंगे, तब तक धर्म की वास्तविक समझ नहीं हो सकती। यह विचार बिरहीकलां डायट संस्थान में आयोजित नवपदोन्नत 58 प्राचार्याें के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए प्रोफेसर भूपेंद्र ने व्यक्त किए।
इससे पहले वरिष्ठ प्रवक्ता व डायट प्रभारी डीडी कौशिक ने उनका स्वागत किया और संक्षिप्त परिचय कराया। वरिष्ठ प्रवक्ता एवं ट्रेनिंग प्रभारी नवरत्न पांडे ने बताया कि प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह ग्रामीण क्षेत्र से निकली एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने उन दिनों विज्ञान को धर्म से जोड़कर इसका प्रचार-प्रसार भी प्रारंभ किया। वह आर्य समाज से जुड़े हैं। सादगी एवं वैज्ञानिक तथ्यों के साथ ज्ञान, भक्ति व धर्म के जीवन में महत्व का सेवानिवृत्ति के बाद प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
अगले सत्र में सुशील कुमार प्रवक्ता अंग्रेजी ने शिक्षा का अधिकार व शैक्षिक नीतियां विषय पर विस्तार व्याख्यान प्रस्तुत किया। अंतिम सत्र में विवेक कुमार प्रवक्ता सामाजिक विज्ञान ने नई शिक्षा नीति 2020 और स्किल विषय पर प्राचार्यों से वार्तालाप किया। प्रशिक्षण शिविर में प्रवक्ता नीरज कुमार, राकेश गोदारा, राजेश कुमार, मोनिका वशिष्ठ, डॉ. ओमप्रकाश पंवार, अमनदीप कुमार, संजीव कुमार व रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।