दिवाली पर हुई आतिशबाजी ने हवा में घोला जहर, शनिवार सुबह प्रदूषण का एक्यूआई स्तर अधिकतम 370 तक पहुंचा
- जिले में दिवाली के दिन एक जगह लगी आग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दिवाली पर पाबंदी के बावजूद जिले में जमकर पटाखे फोड़े गए। लोगों के लाखों रुपये के पटाखे जलाने से हवा में जहर घुल गया।
शनिवार सुबह की बात करें तो प्रदूषण का अधिकतम स्तर 370 एक्यूआई पर पहुंच गया। इससे हवा की गुणवत्ता खराब रही। वहीं, आतिशबाजी में महिला समेत 5 लोग झुलस गए। इनमें से एक को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। जिले में गत 30 अक्तूबर को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 316 एक्यूआई दर्ज किया गया था। 30 अक्तूबर की शाम और 31 अक्तूबर को सुबह से लेकर रात तक आतिशबाजी की गई। इसका असर हवा की गुणवत्ता पर नजर आया। शनिवार सुबह जिले में हवा की स्थिति बेहद खराब रही।
दरअसल, इस बार दादरी जिले में पटाखों की बिक्री और प्रयोग प्रशासन ने बंद रखा। दूसरी ओर मनाही के बावजूद लोगों ने मुनाफा कमाने के चक्कर में चोरी-छिपे पटाखे बेचे। शहर की अगर बात करें तो कई जगहों पर सड़क किनारे ही स्टॉल पर रखकर पटाखे बेचे गए, लेकिन, कहीं पर किसी प्रकार की खेप नहीं पकड़ी गई। दूसरी ओर आसानी से पटाखे मिलने पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की।
- पटाखे जलाते समय ये झुलसे
पटाखे जलाते समय जिले में पांच लोग झुलस गए। इनमें खेड़ीबत्तर निवासी लीलाराम को प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। उसके अलावा दादरी निवासी पूनम, दीपक, सुमित और प्रशांत भी पटाखे जलाते समय झुलस गए। उन्हें परिजनों ने सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। वहीं, सिविल अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी खुली रही।
- प्रेमनगर कॉलोनी में पड़े ईंधन में लगी आग
शुक्रवार शाम प्रेमनगर कॉलोनी में पड़े एक ईंधन में आग लग गई। लोगों ने अंदेशा जताया कि पटाखे का जलता अवशेष आकर ईंधन पर गिरा और इसके चलते आग लग गई। वहीं, आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
किस स्तर का प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक
प्रदूषण का स्तर - प्रभाव
50 एक्यूआई तक- बेहतर
51 से 100 एक्यूआई- संतोषजनक
151 से 200 एक्यूआई- खराब
201 से 300 एक्यूआई- बेहद खराब
301 एक्यूआई से ज्यादा- गंभीर
एक्सपर्ट व्यू : जलन होने पर ठंडे पानी से धोएं आंखें
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण का स्तर बढ़ने से कई नुकसान हैं। इससे श्वांस रोगियों समेत अन्य मरीजों को दिक्कतें होती हैं। प्रदूषण का स्तर अगर बढ़ा हुआ हो तो घर आते ही ठंडे पानी से आंखों को धोना चाहिए। इसके अलावा मास्क का भी प्रयोग करें। हो सके तो बिना चश्मा लगाए घर से बाहर न निकलें।
वर्सन:
पटाखे जलाते समय झुलसने से पांच लोग सिविल अस्पताल पहुंचे। इनमें से एक को रेफर किया गया। सिविल अस्पताल के अलावा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी में स्टाफ तैनात रहा।
-डॉ. राजविरेंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी
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दिवाली की रात शहर की गली में जलाया गया पटाखा। संवाद
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शनिवार को सिविल अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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गीता भवन के पिछली तरफ गली में पड़े पटाखों के अवशेष। संवाद