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पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल

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घिकाड़ा निवासी संजय की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीणों और परिजनों की शुक्रवार देर रात पुलिस के साथ हिंसक झड़प हो गई। एंबुलेंस में रखा शव सिविल अस्पताल ले जाने पर परिजन भड़क उठे और पुलिसकर्मियों पर पथराव के साथ डंडों से हमला बोल दिया। झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि डीएसपी और सिटी थाना एसएचओ की गाड़ी समेत तीन वाहनों के शीशे टूट गए। सदर थाना पुलिस ने शनिवार को इस संबंध में 16 नामजद लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। वहीं, प्रशासन के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन के बाद शनिवार सुबह परिजन दाह-संस्कार के लिए तैयार हो गए।
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गौरतलब है कि गत 14 जून की रात घिकाड़ा निवासी संजय को घर से बुलाने के बाद हमला किया गया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और सिविल अस्पताल से उसे पीजीआई रेफर किया गया था। शुक्रवार सुबह संजय की पीजीआई में मौत हो गई थी। शुक्रवार शाम एंबुलेंस से उसका शव घिकाड़ा गांव लाया जा रहा था लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने एंबुलेंस को घिकाड़ा चौक पर रुकवा लिया था। ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बाद और एसटीएफ को मामले की जांच सौंपने के बाद ही दाह-संस्कार करने का फैसला लिया था। इसकी जानकारी वहां मौजूद दोनों डीएसपी और एसडीएम को भी दे दी थी।
सड़क पर लोगों की भीड़ को देखकर प्रशासन देर रात एंबुलेंस को सिविल अस्पताल ले जाने लगा तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए। पुलिस टीम के एंबुलेंस ले जाने पर डंडों और पत्थरों से पुलिस टीम पर हमला किया गया। एकाएक हिंसक गतिविधि होने से वहां अफरा-तफरी मच गई। पत्थरबाजी में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। सुरक्षा एजेंट की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने देर रात इस संबंध में 16 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया। वहीं, ग्रामीण भी देर रात ही सिविल अस्पताल पहुंच गए जो रातभर वहीं डटे रहे।
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एसडीएम के आश्वासन पर माने परिजन
शनिवार सुबह ग्रामीणों को आश्वस्त करने एसडीएम वीरेंद्र सिंह भी सिविल अस्पताल पहुंच गए। वहां उनकी परिजनों के साथ दो चरणों में वार्ता हुई। दूसरे चरण में उन्होंने मामले के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया और इसके बाद परिजन व ग्रामीण दाह-संस्कार के लिए राजी हो गए।
डीएसपी, एसएचओ समेत तीन पुलिस वाहनों के शीशे टूटे
पत्थराव में डीएसपी हेड क्वार्टर जोगेंद्र सिंह के अलावा सिटी थाना प्रभारी तेलूराम की सरकारी वाहन समेत पुलिस कंपनी को लाने वाली विभाग की बस के शीशे टूट गए। वहीं, हमले में हेड कांस्टेबल संदीप, श्रीभगवान जगजीत समेत सिपाही कप्तान सिंह व जोगेंद्र सिंह घायल हो गए।
इन आरोपियों पर 11 धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
पुलिस ने घिकाड़ा सरपंच सोमेश, उनकी मां, रणधीर, बल्ला, रामचंद्र, राजेश, रामबीर की पत्नी, तमन्या, श्यामलाल की पत्नी, लीलू की पत्नी, पप्पू, सोहला, सुरेंद्र, रमन व संदीप के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम समेत 147, 148, 149, 186, 188, 283, 332, 353, 427 व पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
संजय हत्याकांड के दोषियों की जल्द गिरफ्तारी का हमने परिजनों को आश्वासन दिया और इसके बाद वो दाह-संस्कार के लिए तैयार हो गए। रात को हुए पथराव में सरकारी गाड़ियों के शीशे टूटे हैं और उस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।
विरेंद्र सिंह, एसडीएम, दादरी
सुरक्षा एजेंट अशोक कुमार की शिकायत पर 16 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पत्थरबाजी और डंडों से हुए हमले में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जबकि तीन सरकारी गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
नरेंद्र दहिया, सदर थाना प्रभारी
जिस समय पथराव हुआ, उस समय तो मैं डीएसपी साहब के साथ ही मौजूद था। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया। हम अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। एंबुलेंस में रखा शव जबरन ले जाने पर ही सारा हंगामा हुआ। मेरी मां पर भी मामला दर्ज किया गया है जबकि वो अपने घर पर थी और इसकी फुटेज मेरे पास है।
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- सोमेश, सरपंच, घिकाड़ा
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