पोलियोंरोधी की दवाई पिलातीं डॉ. पूनम मांझू व उनकी टीम। स्वयं
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चरखी दादरी। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाया गया पोलियो प्लस अभियान पूरी तरह सफल रहा है। विभाग ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 45,965 बच्चों को पोलियो रोधक दवा पिलाकर 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता के साथ स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो से बचाव की इस महत्वपूर्ण खुराक से वंचित न रहे। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की थीं। जिलेभर में 322 पोलियो बूथ स्थापित किए गए जहां बच्चों को दवा पिलाने की व्यवस्था की गई। अभियान को सफल बनाने के लिए 644 टीमों की तैनाती की गई जिनमें स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा सुपरवाइजरों ने लगातार निगरानी कर अभियान की प्रगति पर नजर रखी।
घर-घर चलाया अभियान
पीएचसी हडौदी से डॉ. पूनम मांझू ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने केवल बूथों तक ही अपनी गतिविधियां सीमित नहीं रखीं बल्कि बूथों पर न पहुंचने वाले बच्चों के लिए घर-घर जाकर विशेष अभियान भी चलाया। टीमों ने गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी घर-घर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। दुर्गम और घनी आबादी वाले इलाकों में भी स्वास्थ्य कर्मियों ने पूरी सक्रियता के साथ कार्य किया जिससे कोई भी बच्चा दवा से वंचित नहीं रहा।
आमजन में दिखी जागरूकता
अधिकारियों के अनुसार अभियान की सफलता के पीछे बेहतर कार्य योजना, टीमों के बीच समन्वय और लोगों में जागरूकता अहम कारण रहे। अभियान से पहले अभिभावकों को पोलियो की दवा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया जिसका सकारात्मक असर देखने को मिला। बड़ी संख्या में अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को बूथों तक लेकर पहुंचे जबकि छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर दवा पिलाई गई।
वर्जन:
हमारी टीमों की कड़ी मेहनत के चलते निर्धारित लक्ष्य को 100 प्रतिशत पूरा किया गया है। नियुक्त टीमों ने गांव और शहर में घर-घर पहुंचकर बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई है, जिससे कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित नहीं रहा।– राहुल अरोड़ा, प्रवक्ता एवं डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग