बाढड़ा। गांव डांडमा में अनुसूचित जाति वर्ग की चौपाल का भवन काफी समय से जर्जर है। इस बारे में ग्रामीणों ने अधिकारियों को कई बार अवगत कराया है। उसके बाद भी समाधान नहीं हुआ है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति रोष बना हुआ है।
ग्रामीण संजय, बंसी सैन, जितेंद्र डांडमा, सुरेंद्र, संदीप, रविंद्र आदि ने बताया कि चौपाल का भवन काफी समय से जर्जर है। इसके निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों व प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं। अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दूषित पानी की निकासी के लिए भी कोई उचित प्रबंध नहीं है। इससे बरसात के मौसम में पानी इस चौपाल में भर जाता है। उन्होंने कहा कि गांव की उपेक्षा हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग की बस्ती से गलियों का दूषित पानी नहीं निकल पा रहा है। गलियों में दूषित पानी भरा रहता है। आसपास के क्षेत्र में हर समय दुर्गंंध बनी रहती है। लोगोंं में बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 1980 में चौपाल का निर्माण हुआ था। अब भवन जर्जर हो चुका है।
लोग बोले
गांव में कोई सार्वजनिक भवन नहीं होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि चौपाल का निर्माण करवाया जाए। ताकि, लोगों को परेशानी न हो।
-जितेंद्र डांडमा,
गांव में चौपाल का निर्माण कई साल पहले हुआ था। अब इसका भवन जर्जर हो चुका है। प्रशासन व विभाग को इसका निर्माण करवाना चाहिए। ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
-राजेश रंगा
चौपाल के भवन का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि जल्द ही इसका निर्माण करवाया जाए।
-नवीन कुमार
चौपाल का निर्माण 1980 में हुआ था। अब भवन जर्जर हो चुका है। प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। प्रशासन को जल्द ही इसका निर्माण करवाना चाहिए।
-मुकेश कुमार