-शहर में इस समय हैं करीब 43 हजार अवैध पेयजल कनेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध पेयजल कनेक्शनों को वैध कराने के लिए एक बार फिर मौका दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता के लिए यह अंतिम अवसर होगा। इसके बाद अवैध और निष्क्रिय कनेक्शनों को काटने और बंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
यह कदम जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाने और सरकारी राजस्व को बचाने की दिशा में उठाया गया है। विभाग की ओर से पिछले वर्ष नवंबर में कराए गए सर्वे में शहर में लगभग 43,000 अवैध कनेक्शनों की पहचान की गई थी। इस सर्वे में कनेक्शनधारकों से आधार कार्ड, मोबाइल फोन नंबर और कनेक्शन नंबर जैसी जानकारी एकत्र की गई थी।
जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोगों ने बिना विभागीय अनुमति के मुख्य पेयजल लाइनों से अवैध रूप से कनेक्शन जोड़े हुए हैं। इससे पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे वैध उपभोक्ताओं को पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
लगभग पांच वर्ष पूर्व विभाग ने गांवों-शहरों में घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शन नियमित कराने का अभियान चलाया था। इस दौरान 6,322 अवैध कनेक्शनों को वैध किया गया था। अभियान में स्थानीय सक्षम युवाओं की मदद ली गई थी लेकिन कुछ समय बाद यह प्रयास ठप हो गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में मनमर्जी से कर लेते हैं कनेक्शन
गांवों में स्थिति और भी चिंताजनक है। पिछले कई दशकों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोग मनमर्जी से मुख्य या लोकल लाइनों से कनेक्शन लेते आ रहे हैं, वह भी बिना किसी अनुमति के। कई घरों में तो एक से अधिक कनेक्शन भी लगाए गए हैं। इसके चलते विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों से सिर्फ 10 प्रतिशत ही राजस्व प्राप्त हो पा रहा है। शहर में भी अवैध कनेक्शनों की भरमार बनी हुई है, जिससे न केवल जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है बल्कि सरकारी खजाने को भी नुकसान हो रहा है।
बिल भरने में लापरवाही बरत रहे उपभोक्ता
विभाग के लिए पेयजल की बकाया राशि वसूली भी बड़ी चुनौती बन चुकी है। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन वैध हैं, वे भी नियमित रूप से बिल जमा नहीं कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां प्रति माह 40 रुपये का बिल निर्धारित है, वहीं, शहरी क्षेत्रों में 120 रुपये प्रतिमाह लिया जा रहा है। बावजूद इसके अधिकांश उपभोक्ता भुगतान में लापरवाही बरत रहे हैं। विभाग ने सारा डाटा ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड कर दिया है और वैध कनेक्शनधारकों को मोबाइल फोन के माध्यम से पेयजल बिल के मैसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उसके बाद भी बहुत सारे उपभोक्ता बिल भरने में उदासीनता बरत रहे हैं।
वर्जन
जिन लोगों ने अवैध कनेक्शन ले रखे हैं, वे समय रहते अपना कनेक्शन वैध करवा लें। बाद में विभाग कनेक्शन काटने का काम करेगा। नकारा कनेक्शन भी बंद किए जाएंगे।
-धीरेंद्र सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।
फोटो 14- जनस्वास्थ्य विभाग का बिल जमा करवाने का कार्यालय। फाइल फोटो