पुरानी अनाज मंडी स्थित जमीदारा सोसायटी कार्यालय में खाद लेने के लिए पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाता
चरखी दादरी। जिले में शनिवार को 4000 बैग डीएपी व 9000 बैग यूरिया खाद और पहुंचेगी। खाद के लिए रेवाड़ी से रैक लगा है। अब विभाग ने खाद का वितरण नए नियम के अनुसार शुरू कर रखा है। किसान को मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज जमीन का विवरण व आधार कार्ड से खाद दी जा रही है।
रबी सीजन में सरसों की बिजाई 20 अक्तूबर से शुरू हो जाएगी। ऐसे में डीएपी खाद की जरूरत ज्यादा बनी हुई है। अब तो सरकार व विभाग भी डीएपी खाद की आपूर्ति करवाने के लिए सक्रिय बने हुए हैं। प्रत्येक चार से पांच दिन के अंतराल में खाद पहुंच रही है। सरसों के बाद नवंबर प्रथम सप्ताह में गेहूं की बिजाई शुरू हो जाएगी। उस समय भी डीएपी की जरूरत बनी रहेगी।
खाद वितरण के नए नियम के तहत शून्य से डेढ़ एकड़ तक एक किसान को एक बैग डीएपी खाद दी जा रही है। डेढ़ से ढाई एकड़ तक दो व साढ़े तीन एकड़ तक तीन बैग दिए जा रहे हैं। ज्यादा जमीन वाले किसान एक बार में अधिकतम पांच बैग ले सकते हैं। उसके बाद उसे दोबारा से वहीं प्रक्रिया शुरू कर खाद प्राप्त करनी होती है।
इस नियम के बाद खाद वितरण केंद्रों पर भीड़ नहीं बन रही है। विभाग गांवों में स्थित पैक्स समितियों के पास ज्यादा खाद भेज रहा है ताकि किसानों को नजदीक ही खाद मिल सके। वैसे यूरिया खाद की फिलहाल कोई कमी नहीं है। यूरिया तो पहले से ही खरीद केंद्रों में रखा है।