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Charkhi Dadri News: चार पीएचसी 24x7 कैटेगरी से बाहर, 7 घंटे ही मिल रहा उपचार

Sun, 17 Nov 2024 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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अमर उजाला एक्सकलूसिव::
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बलकरा, मानकावास, अचीना और इमलोटा पीएचसी में महिलाओं का प्रसव बंद, गर्भवतियों को करनी पड़ रही अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की भाग-दौड़


चरखी दादरी। जिले के 33 फीसदी पीएचसी यानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव सेवा नहीं है। इसका कारण इन पीएचसी का 24x7 कैटेगरी में शामिल न होना है। वहीं, यहां केवल 7 घंटे ही मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। शाम 4 बजे के बाद अन्य गांवों या शहर का नागरिक अस्पताल ही उनके लिए विकल्प हैं।
प्रसव सेवा का लाभ न मिलने का खामियाजा महिलाओं को प्रसव से पूर्व दादरी नागरिक अस्पताल की भाग-दौड़ कर भुगतना पड़ रहा है। इस समय बलकरा, मानकावास, अचीना और इमलोटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव सेवा शुरू करने की दरकार है। ताकि, गर्भवती महिलाओं और तीमारदारों को प्रसव से पूर्व भाग-दौड़ करने में आने वाली दिक्कतों से निजात मिल सके।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मुख्य दो कैटेगरी हैं। इनमें एक 24x7 और नॉन 24x7 हैं। 24x7 कैटेगरी में प्रसव सुविधा का प्रावधान होता है जबकि नॉन 24x7 कैटेगरी में सुबह 9 से शाम 4 बजे तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता है। पीएचसी में प्रसव कराने का प्रावधान भी नहीं होता। यही कारण है कि चार पीएचसी में प्रसव नहीं कराया जाता है।
सूत्रों की मानें तो प्रसव संख्या कम रहने के कारण सरकार ने स्टाफ व व्यवस्थाओं का खर्च घटाने के लिए दो पीएचसी को 24x7 कैटेगरी से कुछ साल पहले बाहर किया था। संवाद


- 24x7 कैटेगरी में कौन पीएचसी और कौन बाहर
बाढड़ा, रानीला, हड़ौदी, माईकलां, कादमा, सांवड़ समेत आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 24x7 कैटेगरी में हैं। यहां प्रसव कराया जाता है। इसके अलावा बलकरा, मानकावास, इमलोटा और अचीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस कैटेगरी से बाहर हैं।

- हर साल 8700 बच्चे लेते हैं जन्म
दादरी जिले में हर साल औसतन 8700 बच्चों का जन्म हाेता है। इनमें से करीब साढ़े पांच हजार प्रसव जिले में और करीब ढाई से तीन हजार प्रसव दूसरे जिलों के अस्पतालों में होते हैं। हर साल करीब 35 फीसदी प्रसव केस रेफर होते हैं।


- इमलोटा और मानकावास में प्रसव हट शुरू करने की दरकार
इमलोटा में कुछ समय पहले ही पीएचसी का नया भवन तैयार कराया गया है। यहां तमाम स्वास्थ्य सेवाएं नहीं हैं और 24x7 कैटेगरी से भी यह पीएचसी बाहर है। यहां की महिलाओं को प्रसव के लिए दादरी नागरिक अस्पताल आना पड़ता है। यह दूरी करीब 27 किलोमीटर पड़ जाती है। इमलोटा बड़ा गांव है। इसके साथ लगते 10 गांवों की महिलाओं को प्रसव सेवा का लाभ मिलेगा। इसी प्रकार, मानकावास पीएचसी पर प्रसव हट शुरू करने की आवश्यकता है।

- हर पीएचसी को मिलता है 10 प्रसव का लक्ष्य
जिले में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। हर पीएचसी को एक माह में 10 प्रसव कराने का लक्ष्य मिलता है। नागरिक और मातृ-शिशु अस्पताल का लक्ष्य अलग होता है। जिन पीएचसी पर प्रसव सुविधा नहीं है, वहां से केस रेफर किए जाते हैं।
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वर्सन:
ये चारों पीएचसी 24x7 कैटेगरी में शामिल नहीं हैं। इससे यहां प्रसव नहीं हो पाता है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। जरूरत हुई तो मुख्यालय प्रस्ताव भेजकर पीएचसी को 24x7 कैटेगरी में शामिल करने की सिफारिश की जाएगी।
-डॉ. आशिष मान, डिप्टी सीएमओ एवं प्रेस प्रवक्ता, दादरी स्वास्थ्य विभाग

फोटो 07
अपनी मां के साथ नवजात कन्या। फाइल फोटो
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