चरखी दादरी। परिवार पहचान पत्र को सही करवाने के लिए जिले के गांवों और शहर में लगाए गए कैंप में 3000 से अधिक नागरिकों ने लाभ उठाया। अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि क्रिड नामक मानव संसाधन विभाग चंडीगढ़ की ओर से पूरे प्रदेश के फैमिली आईडी का ब्योरा एकत्रित करने का कार्य किया जा रहा है। जो व्यक्ति हरियाणा का मूल निवासी है या जो दस साल से अधिक समय से यहां रह रहा है, वह अपना परिवार पहचान पत्र बनवा सकता है। क्रिड ने सभी नागरिकों की आईडी बनाकर अपने पोर्टल पर अपलोड कर दी है, लेकिन अभी भी उनमें सही आंकड़े फीड नहीं हैं, जिसके लिए हर गांव और शहर के वार्डों में सीएससी ऑपरेटर व बीएलओ की ड्यूटी लगाकर पिछले सप्ताह बड़ा अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान बौंद खंड के 24, झोझू खंड के 44, बाढड़ा खंड के 50, दादरी ब्लॉक के 48 और शहर के सभी 21 वार्डों में सार्वजनिक स्थानों पर यह कार्य किया गया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान 55 वर्ष से अधिक आयु के 540 नागरिकों ने अपनी जन्मतिथि का सत्यापन करवाया, जिसके लिए मैट्रिक सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या वर्ष 2017 से पहले का मतदाता पहचान पत्र होना जरूरी है। जिले के 135 दिव्यांगों ने अपने सर्टिफिकेट फैमिली आईडी में अपलोड करवाए। तीन सौ से अधिक व्यक्तियों ने अपने दस्तावेज दिखाकर फैमिली आईडी को साइन किया।
जिले में बने हैं कुल 1.40 लाख पीपीपी
अनुराग ढालिया ने बताया कि जिले के हजारों नागरिकों ने परिवार पहचान पत्र के लिए लगाए कैंप में जाकर अपना नाम, पता, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर आदि को ठीक करवाया। जिले में कुल एक लाख 40 हजार 43 पीपीपी बने हुए हैं, इनमें से एक लाख 29 हजार सत्यापित हो चुके हैं। जिले के 5 लाख 47 हजार 234 व्यक्ति के नाम पीपीपी में दर्ज हैं।
- इन स्थिति में 1.80 लाख से अधिक मानी जाएगी आय
क्रिड के जिला प्रभारी अनिल वधवा ने बताया कि गांव में कोई व्यक्ति दो सौ गज व शहर में किसी का घर सौ गज का है और उसे फैमिली आईडी में दर्शाया गया है तो उसकी आय को 1.80 लाख से अधिक माना जाएगा। इसी प्रकार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद कोई किसान एक लाख 80 से अधिक रकम की फसल बेचता है तो उसको अंत्योदय श्रेणी में नहीं माना जाएगा।