चरखी दादरी। शहर की आदर्श (पंजाबी) धर्मशाला में वीरवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में जिले के सरकारी व निजी विद्यालयों के 10वीं और 12वीं कक्षा के मेधावियों को सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 300 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा पहुंचे जबकि जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की।
विद्यार्थियों को पहनाया मेडल
समारोह में एक-एक कर विद्यार्थियों को मंच पर बुलाया गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र व मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। मंच से विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई जिस पर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, अनुशासन और मेहनत के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
विद्यार्थी समाज व देश का भविष्य
अतिरिक्त उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देने का सबसे मजबूत माध्यम है। आज सम्मानित होने वाले विद्यार्थी आने वाले समय में समाज और देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से ही मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों का मनोबल बढ़ाने और उन पर अनावश्यक दबाव न डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करने वाले विद्यार्थी हर चुनौती को पार कर सकते हैं और अपने परिवार, जिले व देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह बेहतर नागरिक बनने की प्रक्रिया भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने की आदत विकसित करने और अपने शिक्षकों का सम्मान करने का आह्वान किया।
इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभिन्न संस्थानों और सामाजिक संगठनों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। समारोह के सहयोगी के रूप में सनफ्लैग अस्पताल के निदेशक डॉ. संजय कलकल, एचडी पब्लिक स्कूल बिरोहड़ के निदेशक बलराज फोगाट, रवि इंडियन कोचिंग स्कूल दादरी के निदेशक रविंद्र वशिष्ठ, हाट्रोन स्किल सेंटर गांधीनगर के निदेशक जतिन श्योराण, श्री राम कैटर्स दादरी के संचालक नवीन सैनी और पंजाबी सभा के प्रधान साहिल चराया मौजूद रहे।
कोट:
हर विद्यार्थी में प्रतिभा होती है जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास की होती है। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी छात्र अपने जीवन का बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकता है। - रविंद्र वशिष्ठ, निदेशक, रवि इंडियन कोचिंग स्कूल दादरी
शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं बल्कि अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। विद्यार्थियों को अनुशासन, समय का सदुपयोग और नियमित अध्ययन की आदत विकसित करनी चाहिए। यही आदतें उन्हें भविष्य में बड़ी सफलता दिलाएंगी।- बलराज फोगाट, निदेशक, एचडी पब्लिक स्कूल बिरोहड़
स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के बिना पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव नहीं है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद का भी ध्यान रखना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।- डॉ. संजय कलकल, निदेशक, सनफ्लैग अस्पताल
आज के दौर में केवल डिग्री ही नहीं बल्कि तकनीकी ज्ञान और कौशल भी बेहद जरूरी हैं। विद्यार्थियों को नई तकनीकों और डिजिटल स्किल्स को सीखने पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में आगे रह सकें। - जतिन श्योराण, निदेशक, हार्ट्रोन स्किल सेंटर गांधीनगर
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान पूरे समाज के लिए प्रेरणा का विषय है। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा को बढ़ावा देने में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। - नवीन सैनी, संचालक, श्री राम कैटर्स दादरी
जिले के विद्यार्थियों की प्रतिभा को सम्मानित करना उनको भविष्य के बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। दादरी जिले के विद्यार्थियों को इस बार परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन किया है। उम्मीद है आगे भी जिले का नाम रोशन करेंगे। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी, दादरी।