चरखी दादरी। गांव जयश्री में बारिश से जलभराव होने पर 300 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। बारिश का पानी गांव के चारों ओर बने बांध तक पहुंच गया है। इससे आवासीय बस्ती में पानी घुसने का अंदेशा बना हुआ है। प्रशासन ने रोहतक रोड के समीप गांव के पानी की निकासी के लिए पंप व मोटर लगा रखी हैं, लेकिन फिलहाल यह काम नहीं कर रही।
दो दिन से हुई बारिश से गांव जयश्री में जलभराव की विकट समस्या बन गई है। गांव के निवर्तमान सरपंच राजकुमार ने बताया कि साथ लगते गांव झिंझर व कमोद की तरफ से बारिश का पानी उनके गांव की सीमा में पहुंचा है। इससे गांव में 300 से ज्यादा एकड़ में खड़ी खरीफ की फसल जलमग्न हो गई हैं। इससे कपास, बाजरा की फसलों में नुकसान हुआ है। इसके साथ धान की फसल भी जलमग्न हुई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चव्वा ऊपर आने के कारण जलभराव की समस्या बनी है। पिछले लंबे समय से यहां धान की खेती की जा रही है और ज्यादा बारिश होते ही यहां खेतों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
गांव का जमीनी स्तर काफी नीचा
राजकुमार ने बताया कि उनके गांव कां जमीनी स्तर काफी नीचा है। इस वजह से कमोद, झिंझर आदि गांवों से खेतों का पानी प्रवेश कर रहा है। गांव में पानी नहीं घुसे इसके लिए चारों ओर बांध बना रखा है। इस समय पानी बांध तक पहुंच गया है। गांव की बस्ती से कुछ दूरी पर जलभराव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सन 1995 में आई बाढ़ के दौरान उनके गांव में 10 फुट तक पानी भर गया था। उसके बाद गांव के चारो ओर बांध बनाया गया है।
रोहतक रोड पर लगे पंप व मोटर नहीं कर रहे काम
निवर्तमान सरपंच राजकुमार ने बताया कि प्रशास ने रोहतक रोड के समीप गांव के पानी की निकासी के लिए पंप व मोटर लगा रखी हैं लेकिन फिलहाल यह वर्किंग में नहीं है। उन्होंने बताया कि इस बारे मे सिंचाई विभाग के एक्सईएन को भी अवगत करा दिया है ताकि पानी निकासी का काम शुरू हो सके।
पानी जयश्री गांव के अंदर नहीं बल्कि खेतों में भरा हुआ है। वहां हमने तीन मोटरें रखी हुई है और उन्हें चालू करने के लिए तकनीकी टीम को मौके पर भेज दिया है। मंगलवार शाम से ही पानी की निकासी शुरू करवा दी जाएगी। खेतों में भरे पानी की ड्रेन में निकासी की जाएगी।
वेदपाल, एक्सईएन, सिंचाई विभाग