चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के विभिन्न भागों में 250 ऐसे पेयजल कनेक्शन काटे हैं जिनका कोई मालिक नहीं मिला। विभाग की टीम प्रतिदिन ऐसे कनेक्शनों की तलाश में जुटी हुई है। अहम बात ये है कि जो 250 कनेक्शन काटे गए हैं वो लीकेज थे और इसके चलते सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल रहा था। वहीं, विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही ऐसे और कनेक्शनों की पहचान की जाएगी।
जनस्वास्थ्य विभाग शहर में सीवर मिक्सिंग पानी की समस्या दूर करने के लिए विशेष मुहिम चला रहा है। अब तक शहर में पांच मेन लाइनों की मिक्सिंग ठीक की जा चुकी है जबकि करीब 20 से ज्यादा मिक्सिंग अभी बाकी हैं। इनके जरिये नगर में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। गर्मी में वैसे ही पानी की खपत डेढ़ गुना तक बढ़ जाती है। नगर में इस समय एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इस समय शहर में पानी की खपत 85 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है। विभाग के लिए इस खपत की पूर्ति करना चुनौती से कम नहीं है। विभाग ने विशेष अभियान चलाकर जब कनेक्शन काटे तो किसी ने भी इन्हें अपना नहीं माना।
बता दें कि नगर में सीवर मिक्सिंग की शिकायतें लंबे समय आ रही हैं। इसे देखते हुए विभाग की स्पेशल टीम नगर के विभिन्न भागों का दौरा कर मिक्सिंग की समस्या को दूर करने में जुटी है ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके। विभाग ने अब तक बड़ा हनुमान मंदिर क्षेत्र, लोहारू रोड सांसद वाला एरिया, सीसीसीआई परिसर मेन लाइन, गामड़ी क्षेत्र, प्रेमनगर कॅालोनी सहित अन्य भागों में मिक्सिंग की समस्या खत्म की है। गर्मी का मौसम होने के कारण आने वाले दिनों में पानी की खपत और बढ़ेगी। पानी की खपत बढ़ने पर आपूर्ति भी बढ़ाना जरूरी हो जाता है। शहर में पेयजल की किल्लत तो सर्दी के मौसम में भी बनी रहती है।
- प्रतिदिन हो रही 80 लाख लीटर पानी की खपत
इस समय शहर में प्रतिदिन 80 लाख लीटर पानी की खपत हो रही है। सर्दी सीजन में 65 लाख लीटर तक खपत हो रही थी। अगर तापमान 40 डिग्री के पार बना रहा तो यह खपत का आंकड़ा और बढ़ सकता है। इसे देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन के बजाय एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रहा है ताकि पानी का संकट न गहराने पाए।
- शहर में हैं दो जलघर
शहर में दो जलघरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जाती है। मेन चंपापुरी जलघर से शहर के 60 प्रतिशत क्षेत्र में आपूर्ति की जाती है। शेष 40 प्रतिशत आपूर्ति दूसरे रामनगर जलघर से की जा रही है। विभाग सुबह चार बजे पानी की सप्लाई शुरू कर देता है जो देर रात 10 बजे तक जारी रहती है। रात के समय बूस्टिंग स्टेशनों को भरा जाता है ताकि सुबह घरों में सप्लाई की जा सके।
- 16 हजार हैं वैध पेयजल कनेक्शन
शहर में वैध पेयजल कनेक्शन करीब 16 हजार हैं जबकि करीब छह हजार अवैध कनेक्शन भी लगे हुए हैं। इन अवैध कनेक्शन के जरिये भी एक प्रकार से पानी की चोरी हो रही है। कई जगह तो मेन लाइनों में कनेक्शन कर रखे हैं जो नियम के अनुरूप नहीं है। इससे अप्रोच गलियों में पानी का प्रेशर कम हो रहा है। इन अवैध कनेक्शनधारकों से सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है। विभाग पेयजल बिल के रूप में 120 रुपये प्रति माह वसूलता है जिन उपभोक्ताओं ने पानी का मीटर लगवा रखा है उनसे 60 रुपये प्रति माह वसूला जा रहा है।
लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने के लिए विभाग की टीमें काम में जुटी हैं और मिक्सिंग की समस्या को दूर किया जा रहा है। अब तक 250 ऐसे कनेक्शन काटे गए हैं जिनका मालिक होना किसी ने नहीं स्वीकारा है। ये कनेक्शन लीकेज कर रहे थे।
-पवन कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग