चरखी दादरी। कोरोना काल में एंबुलेंस सेवा की कमी को देखते हुए रोडवेज विभाग के 25 कर्मचारियों ने पांच मिनी बसों को एंबुलेंस का लुक दिया है। इन कर्मचारियों को इस काम में 60 घंटे का समय लग गया। बसों में 20 बेड और ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्थाएं करने पर 90 हजार रुपये खर्चा आया है। मिनी बसों को ऑक्सीजन सुविधा युक्त एंबुलेंस में बदलने वाली टीम में पांच ट्रेड के कर्मचारियों को शामिल किया गया।
ऑक्सीजन, सैनिटाइजर, पीपी किट और 4 बेड की सुविधा वाली पांच एंबुलेंस बसों का बुधवार से संचालन शुरू कर दिया गया है। उपायुक्त राजेश जोगपाल ने रोडवेज डिपो द्वारा तैयार की गई इन एंबुलेंस बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। लगभग 60 घंटों में ही बसों को एंबुलेंस में तबदील कर दिया गया है। इन पांचों एंबुलेंस में 4-4 बेड और ऑक्सीजन सहित पीपी किट, सैनिटाइजर की सुविधा होगी। एंबुलेंस चालक के लिए अलग केबिन बनाया गया है, जिससे कि चालक पूरी तरह सुरक्षित रह सके। एंबुलेंस के हेल्पलाइन नंबर 108 को डायल कर सहायता के लिए सूचित किया जा सकता है। इन एंबुलेंस का इस्तेमाल एक ही स्थान से कई मरीजों को एक साथ दूसरे स्थान पर या अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए किया जाएगा।
एंबुलेंस में एक बस को तबदील करने पर आया 18 हजार खर्चा
रोडवेज सूत्रों के अनुसार 25 कर्मचारियों की टीम में सुपरवाइजर समेत फोरमैन और अन्य कर्मचारी शामिल रहे। पांचों टीमों ने एक एक बस को एंबुलेंस में तबदील किया। एक बस पर करीब 18 हजार रुपये लागत आई है और इस लिहाज से पांच मिनी बसों को एंबुलेंस बस का लुक देने में करीब 90 हजार रुपये खर्च हुए।
इन यूनिट ने किया काम
मिनी बस को एंबुलेंस का लुक देने में वर्कशॉप की पांच यूनिट ने काम किया। इनमें कारपेंटर, ब्लैक समिति, वेल्डर, अपोस्टर और इलेक्ट्रीशियन शामिल है।
मरीजों के लिए किए गए सभी प्रबंध
उपायुक्त ने कहा कि हरियाणा रोडवेज ने मिनी बसों को एंबुलेंस में बदलकर बहुत अच्छा काम किया है। इसके लिए रोडवेज के महाप्रबंधक रविश हुड्डा सहित फोरमैन नरेश कुमार बधाई के पात्र हैं। जिला में कोरोना के बचाव और मरीजों के इलाज के लिए सभी प्रबंध उपलब्ध है। ऑक्सीजन सहित रेमडीसीवर इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में हैं। सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल पर ऑक्सीजन की मांग प्राप्त हो रही और अभी तक 35 से भी ज्यादा मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महामारी के समय बहुत अधिक संख्या में लोग एक साथ बीमार हो रहे हैं, जिसके कारण व्यवस्था में कभी-कभी कुछ देरी हो जाती है लेकिन फिर भी प्रशासन प्रत्येक जरूरतमंद की मदद कर रहा है।