फोटो- 06 बारिश से नष्ट हुई फसल। संवाद
जिले में 2,23,000 हजार एकड़ में फसलों में नुकसान का आकलन, सर्वाधिक नुकसान बाजरे का
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने राजस्व व अन्य संबंधित अधिकारियों को जलभराव के कारण किसानों की खरीफ फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जल्द सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पटवारी, कानूनगो, सर्कल राजस्व अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी, उपमंडल अधिकारी (नागरिक) सत्यापन करेंगे। सत्यापन के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
जिले में 2,23,000 हजार एकड़ में फसलों में नुकसान का आकलन है। इसमें बाजरे का रकबा 1,51,000 एकड़ है। धान में कम नुकसान हुआ है। इस समय पटवारी खेतों में जाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
डीसी डॉ. नागपाल ने कहा कि अत्यधिक बारिश से अनेक गांवों में फसलें खराब हुई हैं। खराबे की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने के निर्देश दिए हैं। इस पर आवेदन लिए गए। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दर्ज फसलों का सत्यापन किया जाए।
जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार भौरिया ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल व फसल खराबे के बारे में जिले की स्थिति की रिपोर्ट डीसी को बताई है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के कुल 170 गांवों के 43,644 किसानों ने 2,16,388.73 एकड़ फसल का खराबा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाया गया है।
इनमें से दादरी क्षेत्र के 95 गांवों के 24,844 किसानों ने 1,18,023.773 एकड़ का खराबा, बौंद कलां खंड से 21 गांवों के 7323 किसानों ने 34,536.215 एकड़, बाढड़ा में 54 गांवों के 12,110 किसानों ने 63,828.742 एकड़ में खराबा क्षतिपूर्ति पर दर्ज करवाया है।
जिला राजस्व अधिकारी ने बताया है कि जिले के तराई क्षेत्र में फसलों में ज्यादा नुकसान हुआ है। रेतीले क्षेत्र में कम नुकसान हुआ है। नहरों के पास पड़ने वाले गांवों में जमीनी पानी का स्तर ऊपर आ जाने से विकट समस्या बनी हुई है। जिले में करीब 55 गांवों में ज्यादा नुकसान हुआ है।