नशे की लत से ग्रस्त लोगों को कार्यालय बुलाकर काउंसिलिंग करते डीएसपी सुभाषचंद्र व सदर एसएचओ तेजप
चरखी दादरी। जिला पुलिस ने पांच पुलिस थानों के 172 गांवों व 21 वार्डों में 204 नशे की लत से ग्रस्त लोगों की पहचान की है। इनमें दादरी शहर, सदर, बाढड़ा, बौंदकलां और झोझूकलां थाना शामिल हैं। जिला पुलिस अब एक सराहनीय पहल के तहत नशे से ग्रस्त लोगों की काउंसिलिंग करवाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जाड़ रही है।
बता दें कि एसपी पूजा वशिष्ठ इस संबंध में जिले के नोडल अधिकारियों, प्रबंधक थाना और चौकी प्रभारियों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश दे चुकी हैं। उन्होंने टीमों को संबंधित गांवों का दौरा कर हर घर जाकर नशे की लत से ग्रस्त व्यक्तियों व उनके परिजनों से मिलकर उनकी नशे की लत छुड़ाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों की पालन करते हुए पुलिस ने नशा का लत से ग्रस्त लोगों की काउंसिलिंग शुरू कर दी है।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि एसपी के निर्देशानुसार सदर थाना क्षेत्र के डीएसपी सुभाषचंद्र ने नशे की लत से ग्रस्त लोगों और उनके परिजनों से बात की। पुलिस ने उनसे कब और कैसे नशे की चपेट में आने की जानकारी ली, ताकि उनकी नशे की लत को छुड़वाया जा सके।
नशे की दलदल में फंसते जा रहे युवा : डीएसपी सुभाषचंद्र
जिला पुलिस ने नशे की लत से ग्रस्त 204 लोगों की पहचान की है। इनमें बाढड़ा थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले 71, थाना शहर में 38, थाना सदर में 36 और बौंदकलां थाना क्षेत्र में 24 लोगों की पहचान की गई है। डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि नशे की लत से ग्रस्त लोगों के नाम गुप्त रखे जाते हैं। सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया है ताकि वो नशा करने का कारण बता सकें।
हर तरह से घातक है नशा
डीएसपी ने काउंसिलिंग के दौरान कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से शारीरिक बल्कि अपने परिवार के साथ-साथ सामाजिक वातावरण को भी नुकसान होता है। नशे के प्रभाव से बच्चे, बुजुर्ग और युवा कोई भी अछूता नहीं है। आज युवा पीढ़ी इसका शिकार होकर अपने भविष्य को नष्ट कर रही है और महिलाएं भी इसके कारण उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं।