खेतों में खड़ी बाजरा की फसल। संवाद
- जिले में 16 पैक्स समितियां, खाद वितरण की सूचना मिलते ही पहुंच गए किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। क्षेत्र की विभिन्न पैक्स समितियों के कार्यालयों में डीएपी खाद के 2000 बैग पहुंचे हैं। मंगलवार को खाद का वितरण किया गया। खाद वितरण की सूचना मिलते ही किसान पैक्स समितियों पर पहुंच गए।
जिले में 16 पैक्स समितियां हैं। इनमें से कुछ समितियों के पास ही खाद वितरण के लिए भेजी गई है। इस अगस्त माह में 1000 मीट्रिक टन डीएपी खाद की जरूरत है। इसी प्रकार, यूरिया की 10 हजार एमटी की जरूरत है। यूरिया की आवक पिछले 15 दिन से नहीं होे रही है। यूरिया खाद 22 व 23 जुलाई को पहुंची थी। उसके बाद नहीं आई है। किसान संगठनों ने खाद की आपूर्ति करने की मांग की है।
जिले में इस बार खरीफ सीजन की सभी प्रकार की फसलें अच्छी हैं। फिलहाल, फसलों में किसी प्रकार के रोग का इतना प्रकोप नहीं है। बारिश भी अच्छी हो चुकी है। इस बार धान का रकबा भी कुछ बढ़ा है। नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी चलने की वजह से धान में सिंचाई का भी संकट नहीं है। जिला में अब तक करीब पौने तीन सौ एमएम बारिश हो चुकी है। अभी मानसून सीजन में सवा माह बाकी है।
- यूरिया का धान में ज्यादा इस्तेमाल
इस समय किसान डीएपी व यूरिया का धान की फसल में ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इस समय धान की फसल खाद डालने लायक है। पछेती बाजरा की फसल मेंं भी यूरिया खाद का छिड़काव किया जा रहा है। जिले में सबसे ज्यादा बाजरा का रकबा एक लाख 20 हजार एकड़ है।
- मंगलवार को यहां किया गया वितरण
सोमवार को जिले में 2000 बैग डीएपी खाद पहुंची है। मंगलवार को गांव चरखी, पैतावास, खेड़ी बूरा आदि पैक्स समितियोंं में खाद का वितरण किया गया। नगर स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय में डीएपी खाद नहीं पहुंची। शहर से आसपास के करीब 15 गांवों का सीधा जुड़ाव है। आसपास के गांवों के किसान शहर से ही खाद खरीदते हैं।
किसान नेता हरपाल भांडवा का कहना है कि खाद व बीज का तो टोटा बना हुआ है। बीज तो इतना महंगा हो गया है कि आम किसान खरीद नहीं सकता है। सरकार को यूरिया व खाद पर्याप्त मात्रा में भेजनी चाहिए।
वर्सन
2000 बैग डीएपी खाद पहुंची है। खाद का वितरण किया जा रहा है। इस बार गांवों में स्थित पैक्स समितियों के माध्यम से खाद बांटी गई है। यूरिया खाद आवक के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग