चरखी दादरी। जिलावासियों और वाहन चालकों को जर्जर सड़कों की परेशानी कुछ दिन और झेलनी होगी। 20 दिन बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारी 50 करोड़ से बन रही सड़कों का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाएंगे। इससे पहले इन 28 सड़कों का काम मानूसन से प्रभावित रहा। इन सड़कों का निर्माण होने से करीब 40 हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
बता दें कि जिला की ज्यादातर सड़कें इस समय जर्जर हैं। मानसून सीजन से पहले भी कुछ सड़कों की स्थिति बेहद खराब थी जबकि इस सीजन में हुई करीब 200 एमएम बारिश के बाद सड़कों की हालत और खराब हो गई। इसके बाद से ही इन सड़कों पर सफर मुश्किल बना हुआ है। मानसून सीजन से पहले पीडब्ल्यूडी ने सड़कों का निर्माण कराने की योजना तैयार की थी। विभाग की ओर से भी इसकी मंजूरी दी गई थी, लेकिन बारिश के चलते अधिकारी काम शुरू नहीं करवा पाए।
अब पिछले दो सप्ताह से जिले में बारिश नहीं हुई है और अधिकारी मान रहे हैं कि 20 दिन बाद मौसम सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाने के अनुकूल हो जाएगा। एजेंसियों से काम शुरू करवाकर जल्द ही वाहन चालकों को राहत दी जाएगी। बता दें कि इन टूटी सड़कों पर दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार होकर चोटिल भी हो रहे हैं। जिले में जर्जर सड़कों से हादसों का ग्राफ बढ़ रहा है और प्रशासन भी संबंधित विभागों को अपनी सड़कों की दशा सुधारने के निर्देश दे चुका है।
- लंबे समय से नहीं हुई कई सड़कों की मरम्मत
लंबे समय से शहर व गांवों में सड़कों पर पेच वर्क नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क के किनारों से बरम की मिट्टी खिसक गई है। ऐसे में पैदल व दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है। यही वजह है कि जब सामने या पीछे से भारी वाहन गुजरता है तो दोपहिया वाहन चालक के पास बचने के लिए जगह नहीं होती और भारी वाहन की चपेट में आ जाते हैं।
- शहर की अंदरूनी सड़कों की स्थिति भी खराब
शहर में अंदरूनी सड़कों की स्थिति ज्यादा खराब बनी हुई है। तिकोना पार्क सड़क मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। यह मार्ग दिल्ली-महेंद्रगढ़ रोड का शहर से जुड़ाव करता है। इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इसी प्रकार शहर का करीब तीन किलोमीटर लंबा एकमात्र फोरलेन भी जवाब दे चुका है। इसके अलावा शहर की छह मुख्य सड़कें भी जर्जर हैं जिनकी जल्द सुध लेने की जरूरत है।
- इन सड़कों का निर्माण होगा शुरू
भिवानी-रावलधी बाईपास निर्माण का काम बारिश की वजह से अधूरा पड़ा है। पुरानी गोशाला रोड भी मरम्मत मांग रहा है। गांव जयश्री व झिंझर सड़क का निर्माण भी अधूरा पड़ा है और इसी प्रकार उमरवास सड़कमार्ग का भी निर्माण होना है। इसके अलावा अप्रोच सड़क मार्गों पर पेच वर्क होने हैं।
20 दिन बाद सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। बारिश में तारकोल सेट नहीं हो पाता है। जलभराव होने पर सड़क टूट जाती हैं। जिलाभर में 50 करोड़ के बजट से 28 सड़कों का निर्माण होना है।
-कृष्ण कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी