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Charkhi Dadri News: कर्मचारियों के पास नहीं कस्सी-तसले, स्वच्छता रैंकिंग में 1,805 स्थान फिसले...

Fri, 12 Jan 2024 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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हनी सोनी
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चरखी दादरी। स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम वीरवार को जारी हो गया है। बिगड़ी सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों के पास संसाधनों की कमी के कारण इस बार दादरी नगर परिषद को राष्ट्रीय स्तर पर 1,863वीं और राज्य स्तर पर 18वीं रैंक मिली है। पिछले वर्ष के मुकाबले दोनों स्तर की रैंकिंग में दादरी नगर परिषद का प्रदर्शन वर्ष 2022 के मुकाबले काफी खराब रहा और इसके कई कारण हैं।
इस साल की स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग से नगर पार्षद कतई संतुष्ट नहीं हैं। कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के पास पर्याप्त कस्सी-तसले तक नहीं हैं और ये भी रैंकिंग फिसलने के मुख्य कारणों में से एक है। मौजूदा व्यवस्था पर कुछ नगर पार्षदों ने गहरी नाराजगी जताई है। पार्षदों का कहना है कि वो नगर आयुक्त से मुलाकात करेंगे और उनसे सफाई व्यवस्था में सुधार करवाने की गुहार लगाएंगे।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में दादरी नगर परिषद एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में शामिल था। वर्ष 2022 में दादरी नगर परिषद को राष्ट्रीय स्तर पर 58वीं और प्रदेश स्तर पर 8वीं रैंक मिली थी लेकिन वर्ष 2023 की राष्ट्रीय रैंकिंग 1,863 पहुंच गई है और पहले वर्ष के मुकाबले यह रैंक 1,805 पायदान पीछे है। इसी प्रकार इस साल प्रदेश स्तरीय रैंक 18 मिली है और इसमें भी पहले वर्ष के मुकाबले दादरी 10 पायदान पीछे खिसक गया है।

- ये रहे रैंकिंग में पिछड़ने के मुख्य कारण
सफाई कर्मचारियों और नगर परिषद के पास संसाधनों की कमी।
सीवर व्यवस्था ब्लॉक होने से शहर में कई जगह पानी भरा रहा।
निजी एजेंसी को कचरा उठान का टेंडर देने में काफी देरी हुई।
नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की संख्या कम रही।
नगर में बने सार्वजनिक शौचालय और पार्क बदहाल रहे।
नगर की सभी गलियों में नियमित झाडू न लग पाना।

- जानिये...क्या है मौजूदा सफाई व्यवस्था
इस समय नगर परिषद के कर्मचारी शहर की गलियों और सड़कों पर झाडू लगाते हैं। वह तंग गलियों से कचरा लाकर अस्थायी डंपिंग प्वाइंट पर डालते हैं। डंपिंग प्वाइंट से और घर-घर जाकर कचरा का उठान एजेंसी के कर्मचारी करते हैं। इस कचरे को एजेंसी की ओर से निस्तारण के लिए रोजाना भिवानी स्थित प्लांट में भेजा जाता है। अहम बात ये है कि नालियों का कूड़ा न तो एजेंसी के कर्मचारी उठाते हैं और न ही नगर परिषद के।

पार्षद बोले : कचरा बनी है शहर की सफाई व्यवस्था
वार्डाें में सफाई कर्मचारी तैनात करने में द्वेष भावना बरती जा रही है। न तो वार्डाें में सफाई कर्मचारी पर्याप्त हैं और न ही संसाधन। पार्षद कई बार अधिकारियों के समक्ष अपना दुखड़ा सुना चुके हैं और ये ही कारण है कि स्वच्छता रैंकिंग में दादरी नगर परिषद पिछड़ गई है। - जय सिंह लांबा, पार्षद, वार्ड-1

नगर की सफाई व्यवस्था चेयरमैन ने जान-बूझकर कचरा बना रखी है। क्षेत्रफल के लिहाज से वार्ड-17 सबसे बड़ा है और यहां कम से कम 12 कर्मचारियों की दरकार है। दूसरी ओर वार्ड में चार ही कर्मचारी तैनात हैं और उनमें से भी अक्सर एक कर्मचारी को दूसरी जगह भेज दिया जाता है। - सुधीर स्वामी, पार्षद, वार्ड-17
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सफाई व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। कुछ संसाधनों की कमी बनी है उसे जल्द दूर करवा दिया जाएगा। जल्द ही सफाई शाखा के अधिकारियों और दरोगाओं की बैठक लेकर उन्हें व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
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