संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्टों की कमी मरीजों और अस्पताल स्टाफ दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। वर्तमान में जिले के नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और मातृ एवं शिशु केंद्रों (एमसीएच) में फार्मासिस्ट के 18 पद खाली पड़े हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। काउंटरों पर नर्स दवाओं का वितरण कर रही हैं।
फार्मासिस्ट न होने की स्थिति में विभाग को मजबूरन नर्सों और अन्य गैर-प्रशिक्षित सहयोगियों से दवा वितरण का कार्य करवाना पड़ रहा है। यहां तक कि कुछ केंद्रों पर वार्ड सर्वेंट तक दवाएं बांट रहे हैं, जो मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। बिना फार्मासिस्ट के दी गई दवा गलत साबित होने पर मरीज की जान भी जा सकती है।
मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि नागरिक अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द से जल्द फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाए ताकि उन्हें सुरक्षित व सटीक उपचार मिल सके।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर बिना फार्मासिस्ट के दवाएं दी जा रही हैं। इससे कभी भी लिखी गई दवा की जगह कोई और दवा दिए जाने की आशंका बनी रहती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इतने संवेदनशील पदों पर योग्य स्टाफ की अनुपलब्धता गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।