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आयुष्मान योजना : सालभर में साढ़े 17 हजार के बने गोल्डन कार्ड, छह अस्पताल पैनल में किए शामिल

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सिविल अस्पताल में बनाया गया आयुष्मान काउंटर। - फोटो : CharkhiDadri
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान योजना के तहत जिले में अब तक साढ़े 17 हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सरकार के निर्देशानुसार जिले में 23 हजार से अधिक लोगों के कार्ड बनाए जाने हैं। फिलहाल जिले में साढ़े पांच हजार लोगों के गोल्डन कार्ड एक साल बाद भी नहीं बन पाए हैं। अगर पैनल में शामिल अस्पतालों की बात करें तो अब तक छह निजी अस्पतालों से टाईअप हो चुका है। सातवें अस्पताल को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं।
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केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना को 23 सितंबर को एक साल पूरा हो जाएगा। चरखी दादरी जिले में इस योजना की शुरुआत तत्कालीन जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर की मौजूदगी में की गई थी। सीएम विरेंद्र यादव और उपायुक्त की मौजूदगी में ही पहला गोल्डन कार्ड बनाया गया था। अभियान की शुरुआत करते हुए 18 पात्र लोगों के पहले ही दिन गोल्डन कार्ड बनाए गए थे। इसके बाद सिविल अस्पताल में आयुष्मान काउंटर बनाया गया था। पहले यह काउंटर अस्पताल की मौजूदा ओपीडी विंग में बना, लेकिन बाद में इसे नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि साढ़े 17 हजार लोगों को गोल्डन कार्ड एक साल के अंदर जारी किए गए हैं, जबकि बाकी बचे साढ़े पांच हजार लोगों के कार्ड भी जल्द ही बनवा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि काफी लोगों का डाटा सरकार द्वारा भेजी गई सूची से मिलान नहीं कर पा रहा है। ऐसे केस त्रुटियां दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज चुके हैं। आयुष्मान योजना से जुड़े लोगों को पांच लाख रुपये तक का उपचार पैनल में शामिल अस्पतालों में निशुल्क मिलना है। ऐसे लोगों के उपचार का खर्च निजी अस्पताल संचालकों को सरकार वहन करेगी।
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ये निजी अस्पताल पैनल में हैं शामिल
डिप्टी सीएमओ डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि योजना की शुरुआत के समय जिले का एक भी निजी अस्पताल पैनल में शामिल नहीं था। उसके बाद स्वाष्तिक और गीतांजलि अस्पताल को पैनल में शामिल किया गया। इस समय छह निजी अस्पताल पैनल में शामिल किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस समय स्वाष्तिक, गीतांजलि, यादव, प्रधान, कृष्णा व लाइफ केयर अस्पताल पैनल में हैं।
पात्र यूं बनवाएं अपना गोल्डन कार्ड
डिप्टी सीएमओ डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि आयुष्मान योजना के लिए पात्र लोगों की सूची सरकार की तरफ से विभाग को भेजी गई थी। अगर कोई व्यक्ति गोल्डन कार्ड बनवाने से वंचित है तो उसे आयुष्मान काउंटर पर आना होगा। यहां सूची में नाम मिलने पर उसे आईडी प्रूफ दिखाना होगा, जिससे रिकॉर्ड के साथ मिलाया जाएगा। रिकॉर्ड मैच होने पर उक्त व्यक्ति को गोल्डन कार्ड जारी कर दिया जाएगा। डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने बताया कि जिले में करीब 23 हजार पात्र लोग हैं, जिनके गोल्डन कार्ड बनाए जाने थे। साढ़े 17 हजार को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि बचे हुए साढ़े पांच हजार लोगों के भी जल्द गोल्डन कार्ड बना दिए जाएंगे। इस समय छह निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं।
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