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रामनगर धरनास्थल पर दातोली के किसान ने निगला जहर, पीजीआई में मौत

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सिविल अस्पताल पहुंची पुलिस और घटना की जानकारी देते धरना संयोजक समिति पदाधिकारी। - फोटो : CharkhiDadri
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रामनगर के समीप एनएच-152 की मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए चल रहे धरने पर बुधवार सुबह दातोली निवासी एक किसान ने सल्फास निगल लिया। बाद में पीजीआई में उपचार के दौरान दोपहर बाद उनकी मौत हो गई। धरना संयोजक समिति पदाधिकारियों का कहना है कि एनएच-152-डी के मामले में जिले के चौथे किसान की मौत है। इसके बाद भी जिला प्रशासन और सरकार किसानों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं हैं। समिति पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि मृतक के परिजनों और ग्राम पंचायत से बैठक के बाद समिति कोई अगला निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि निर्णय बुधवार देररात या फिर वीरवार सुबह लिया जा सकता है।
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बता दें कि एनएच-152-डी के लिए अधिगृहीत की जाने वाले जमीन की मुआवजा राशि बढ़ाने की 17 गांवों के किसान मांग कर रहे हैं। इसके लिए रामनगर और ढाणी फौगाट गांव के समीप धरना दे रहे हैं। रामनगर के समीप गत 26 फरवरी से धरना दिया जा रहा है। बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दातोली निवासी दलबीर उर्फ बिल्लू (51) धरनास्थल पर पहुंचा था। धरना समिति प्रधान अनूप फौगाट व संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि दलबीर दादरी से आया था। आते ही उसने ट्यूबवेल पर नहाकर आने की बात कही। ट्यूबवेल की दूरी धरनास्थल से महज 30 कदम ही है।
अनूप फौगाट व विनोद मौड़ी ने बताया कि ट्यूबवेल से लौटते ही दलबीर ने जहर खाने की बात उन्हें बताई। उन्होंने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से आत्महत्या करने की बात कह रहा था। इसलिए उन्होंने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ देर बाद उसने जहर की एक डिब्बी उन्हें दिखाई। इस दौरान जब उन्होंने डिब्बी को खोलकर चेक किया तो उसमें गोलियां कम मिलीं। इसके तुरंत बाद वे दलबीर को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। करीब एक बजे उसे प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। दोपहर करीब तीन बजे दलबीर की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई।
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वीडियो में बोला किसान- सरकार नहीं कर रही समस्याओं का समाधान
सल्फास निगलने के बाद धरनास्थल पर पहुंचे दलबीर सिंह की एक वीडियो भी सामने आई है। एक मिनट 18 सेकेंड के वीडियो में दलबीर ने कहा कि उनके गांव में न पेयजल संकट का समाधान हुआ है और न ही सात माह से धरने पर बैठने के बाद भी उनकी मांगें पूरी की गई हैं। इसके चलते उसने जहर निगला है। दलबीर ने कहा कि उसने ट्यूूबवेल पर जाकर जहर निगल लिया है। अगर वह किसानों को बता देता तो वे उसे जहर नहीं खाने देते।
पांच अगस्त को सीएम सहित एनएचएआई अधिकारियों को लिखा था पत्र
विनोद मौड़ी व अनूप फौगाट ने बताया कि किसानों को धरने करते सात माह का समय हो गया है। अब किसानों का हौसला जवाब दे रहा है। गत पांच सितंबर को ही उन्होंने डीसी, रोहतक कमिश्नर, चेयरमैन एनएचएआई, प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व प्रधान सचिव केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि परेशान किसान कोई भी कदम उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दलबीर ने आत्महत्या कर ली, लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी किसानों के बीच मौजूदा हालात का पता लगाने नहीं पहुंचा।
जिले में एनएच मामले में चौथी मौत
विनोद मौड़ी और अनूप फौगाट ने बताया कि किसान सात माह से अपने हक की लड़ाई शांतिपूर्वक ढंग से लड़ रहे हैं। गांव खातीवास के दो किसान और एक ढाणी फौगाट के किसान सदमे में दम तोड़ चुके हैं और दलबीर की चौथी मौत है। विनोद मौड़ी व अनूप फौगाट ने बताया कि खातीवास निवासी एक किसान ने फांसी लगाकर जान दी थी, जबकि दो किसानों की मौत हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी।
मृतक था अविवाहित, दोनों भाइयों के नाम कर दी थी जमीन
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक दलबीर के भाई रण सिंह ने बताया कि वे तीन भाई थे और उनकी चार बहनें हैं। दलबीर तीन भाइयों में मंझला था और वह अविवाहित था। उसने करीब तीन साल पहले अपने हिस्से की 15 कैनाल 13 मरला जमीन दोनों भाइयों के नाम कर दी थी। रण सिंह दादरी में रहता है, जबकि दलबीर दातोली गांव स्थित मकान में रहता था।
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