चरखी दादरी। दादरी जिला की पंचायतों को आबादी के अनुरूप पीआरआई ग्रांट के रूप में करीब 25 करोड़ का बजट मिला है। इस बजट से गांवों में छोटे स्तर के विकास कार्य करवाए जा सकेंगे।
हर साल इस ग्रांट के रूप में जिला की 167 ग्राम पंचायतों को करीब 25 करोड़ का बजट मिलता रहा है। यह ग्रांट गांव की जनसंख्या के आधार पर मिलती है। इस समय गांवों में विकास कार्यों की सख्त जरूरत है। छोटे स्तर के विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र सरकार हर साल पीआरआई ग्रांट जारी करती है। इस ग्रांट से ही सरपंच गांवों में नालों, छोटी गलियों व अन्य छोटे-मोटे कामकाज करवा सकते हैं। केंद्र सरकार साल में दो बार यह पीआरआई ग्रांट पंचायतों को देती है। साल में इसके तहत दो किस्त जारी होती हैं।
पंचायत विभाग ने ग्राम स्वराज नाम से पोर्टल लांच कर रखा है। इस पोर्टल पर सभी पंचायतों का डाटा अपलोड है। गांवों की जनसंख्या, विकास कार्यों की प्रकृति व अन्य आवश्यक बिंदु इस पोर्टल पर अपडेट हैंं। इस डाटा के आधार पर पीआरआई ग्रांट जारी होती है। यह ग्रांट सीधे पंचायत के बैंक खाते में भेजी जाती है। जिस गांव की जितनी आबादी है उसी अनुपात में यह ग्रांट जारी होती है। इस ग्रांट का इस्तेमाल सरपंच अपने विवेक व जरूरतों के अनुसार खर्च करता है।
इस समय गांवों में विकास कार्यों की जरूरत है। जिला में चार ब्लॉक है जिनमें दादरी, बौंद कलां, झोझू कलां व बाढड़ा शामिल हैं। साल भर में जिला के चार ब्लॉकों में करीब 25 करोड़ का बजट इस ग्रांट के तहत मिल जाता है जिससे सरपंच गांवों में छोटे स्तर के विकास कार्य खुद पूरा करवाते हैं।
=मेरे गांव को पीआरआई ग्रांट के रूप में तीन लाख रुपये का बजट मिला है। इस बजट से गांव में छोटे स्तर के कार्य करवाए जाते हैं। गांव की आबादी के अनुपात में यह ग्रांट मिलती है।-सरपंच प्रमिला देवी, ग्राम पंचायत भागवी
==सरकार की ओर से पीआरआई ग्रांट जारी हुई है। इस ग्रांट से नाली निर्माण, सड़क मरम्मत, दूषित पानी नाला व अन्य छोटे स्तर के कार्य करवाए जा सकते हैं। यह ग्रांट साल में दो बार मिलती है। हमारे गांव को 87 हजार रुपये मिले हैं।
-सरपंच डिंपल, ग्राम पंचायत ढाणी फोगाट
यह ग्रांट साल में दो बार जारी होती है। ग्रांट से छोटे स्तर के विकास कार्य करवाए जाते हैं। आबादी के हिसाब से यह ग्रांट मिलती है।
-एसईपीओ, जयवीर सिंह, पंचायत विभाग।