शहर में पेड़ों की टहनियों से सटते बिजली तार। संवाद
- पेड़ों की टहनियों को छूकर गुजरते तारों पर बूंदें गिरते ही स्पार्किंग से लाइन कर रही ब्रेक डाउन, बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मानसून सीजन में पेड़ों की टहनियों के समीप से गुजरते तारों में स्पार्किंग होने से फॉल्ट ज्यादा आ रहे हैं। इन टहनियों की कटिंग करने की जरूरत है। दूसरी ओर जिले में प्रतिदिन 160 से अधिक फॉल्ट आने पर उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, विभिन्न स्थानों पर सड़कों के किनारे पेड़ खड़े हैं। ऐसे में जब बारिश की झड़ी लगती है तो पेड़ों की टहनियों को छूकर गुजरने वाले तारों में स्पार्किंग हो जाती है। इससे लाइन ब्रेक डाउन कर जाती है। जिलेभर में पेड़ों की वजह से प्रतिदिन फॉल्ट आ रहे हैं। दूसरी ओर, बारिश की झड़ी में लाइन को ठीक करना भी आसान कार्य नहीं है।
बारिश की बूंदों की वजह से लाइनों में फॉल्ट ज्यादा आते हैं। पेड़ों की टहनियों की वजह से और भी ज्यादा फॉल्ट आने का अंदेशा बना रहता है। शहर में करीब 2300 व गांवों में 11,880 ट्रांसफार्मर के जरिये बिजली आपूर्ति की जाती है।
स्पार्किंग होने पर आपूर्ति बहाल करने में कई घंटे लग जाते हैं। आपूर्ति ठप होने पर बिजली निगम कार्यालय में उपभोक्ताओं की शिकायतें पहुंचनी शुरू हो जाती हैं। खासकर रात के समय तो और भी ज्यादा दिक्कत हो जाती है। बिजली आपूर्ति ठप होने पर पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होने लगती है। पानी की आपूर्ति का टाइमटेबल चरमरा जाता है।
- निगम भी टहनियों को मान रहा आपूर्ति में व्यवधान
बिजली निगम भी पेड़ों की टहनियों को आपूर्ति में व्यवधान मान रहा है। बिजली के तारों को छू रहीं टहनियों की कटाई करने की जरूरत है। सड़कों पर पेड़ों की लटकतीं टहनियां बाधा पहुंचाती हैं। बारिश सीजन में वैसे भी पेड़-पौधों की टहनियों में ज्यादा फुटाव होता है।
वर्सन-
जरूरत के अनुसार ट्री-कटिंग का काम करवाया जाता है। जहां भी फॉल्ट आता है, उसी समय लाइन को ठीक करवा दिया जाता है। बिजली आपूर्ति में व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा।
-अविनाश यादव, एक्सईएन, बिजली निगम