खाद वितरण केंद्र में टोकन काटते हुए कर्मचारी।
चरखी दादरी। यूरिया खाद की 14 हजार बैग की खेप शनिवार को पहुंच गई। पुलिस के पहरे में खाद का वितरण किया गया। खाद लेने के लिए महिला किसान भी सुबह से ही लाइन में लग गईं। जिले के लिए शुक्रवार को 14 हजार यूरिया के बैग की स्वीकृति मिली थी। सभी पैक्स समितियों व प्राइवेट विक्रेताओं को भी खाद भेजी गई है। अब तक जिले में 4228 मीट्रिक टन यूरिया खाद आई है। सितंबर तक किसानों को 35 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 16 हजार 500 एमटी डीएपी की जरूरत है।
सुबह से ही खाद लेने के लिए किसानों की लाइन जमींदारा सोसायटी कार्यालय के बाहर लग गई। खाद से भरी गाड़ी पहुंची भी नहीं थी कि किसान धूप में लाइन में खड़े रहे। करीब साढ़े 11 बजे खाद से भरा ट्रक पहुंचा, तब वितरण का काम शुरू किया गया। भीड़ को देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ी। इस दौरान पुरुषों के बराबर महिलाओं की भी लाइन लगी रही।
मौजूदा जुलाई माह में 12 हजार एमटी यूरिया व 5000 हजार एमटी की डीएपी की जरूरत है। सितंबर तक कुल 16 हजार 500 एमटी डीएपी की जरूरत है जबकि अब तक 2038 एमटी डीएपी ही पहुंची है। अब तक 1108 एमटी एनपीके खाद भी पहुंची है। अगले अगस्त माह में जिले में 10 हजार एमटी यूरिया की जरूरत है।
इसी प्रकार, सितंबर माह में भी पांच हजार एमटी यूरिया की जरूरत रहेगी। इस बार सभी पैक्स समितियों व प्राइवेट विक्रेताओं को भी खाद भेजी गई है। ताकि, एक जगह पर भीड़ न बनने पाए। नगर स्थित जमींदारा सोसायटी कार्यालय में 3100 बैग आए हैं। सोसायटी कार्यालय में शाम तक खाद का वितरण होता रहा।
इस संबंध में जमींदारा सोसायटी के मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि भीड़ को देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ी। एक आधार कार्ड पर पांच बैग यूरिया के दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें।
यूरिया खाद के 14 हजार बैग पहुंचे हैं। सरकार के पास खाद की कोई कमी नहीं है। किसान जरूरत के अनुसार ही खाद लें। कुछ दिन के अंतराल में खाद और मंगवाई जाएगी।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग