चरखी दादरी। जिले में चर्म रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गत जुलाई माह के मुकाबले अगस्त में चर्म रोगियों की संख्या दोगुना बढ़ी है। पिछले आठ माह की अगर बात करे तो 9,478 लोगों ने सिविल अस्पताल पहुंचकर अपना उपचार कराया है। अहम बात ये है कि करीब 250 मरीज ऐसे हैं जिनका छह माह बाद भी चर्म रोग ठीक नहीं हुआ है और उनका उपचार जारी है।
दादरी जिले में चर्म रोग बढ़ने का कारण विभिन्न स्थानों में जलभराव की समस्या और वायु प्रदूषण है। अक्सर जिले में प्रदूषण का स्तर 250 एक्यूआई से पार रहता है। प्रदूषण स्तर अधिक होने का कारण जिले में खनन कार्य हैं। इनके चलते दिनभर धूल उड़ती रहती है जो त्वचा के साथ शरीर में प्रवेश कर पेट की बीमारियों के मरीज भी बढ़ा रही है। जलभराव और प्रदूषण ही चर्म रोग बढ़ने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
सिविल अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ तैनात होने से मरीजों को कुछ हद तक राहत मिली है। गत जुलाई तक जिले में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं था और इसके चलते मरीजों को उपचार के लिए भिवानी सिविल अस्पताल या रोहतक पीजीआई की भागदौड़ करनी पड़ रही थी। जुलाई में चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती होने के बाद ही यह सिलसिला थमा और गनीमत है कि चर्म रोग विशेषज्ञ का विभाग ने तबादला नहीं किया है, वरना स्थिति और परेशानी भरी होती है। पिछले आठ माह की औसत देखे तो सिविल अस्पताल में प्रतिमाह करीब 1200 मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। हालांकि अस्पताल में उन्हें सस्ता, पूरा और बेहतर उपचार मिल रहा है।
- महिलाओं के मुकाबले पुरुष अधिक शिकार
चर्म रोग के मरीजों के आंकड़ों की जांच करने पर सामने आया कि महिलाओं के मुकाबले पुरुष चर्म रोग का ज्यादा शिकार बन रहे हैं। इतना ही नहीं श्रमिक तबके के लोगों में चर्म रोग की शिकायत ज्यादा है। जिले के अलावा प्रवासी श्रमिक भी चर्म रोग का ज्यादा शिकार बने हैं।
- डेढ़ साल तक खाली रहा चर्म रोग विशेषज्ञ का पद
करीब डेढ़ साल तक दादरी जिले में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद खाली रहा। इस समय अवधि में विभाग की ओर से दस डिमांड भेजी गई और इसके बाद ही जिले को चर्म रोग विशेषज्ञ मिला। इससे पहले चर्म रोग विशेषज्ञ न होने के चलते प्रतिदिन 30 से ज्यादा मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों की भागदौड़ करनी पड़ी। गत जुलाई में चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती का इंतजार खत्म हुआ।
- जुलाई में सबसे कम तो दिसंबर में मिले सर्वाधिक चर्म रोग मरीज
गत जुलाई से लेकर मार्च तक के आंकड़ों पर गौर करे तो सर्वाधिक चर्म रोगी दिसंबर में सामने आए हैं। जुलाई में सिविल अस्पताल में महज 666 चर्म रोगी अपना उपचार करवाने पहुंचे थे जबकि मार्च में इनकी संख्या बढ़कर 1373 पहुंच गई। इस साल प्रतिमाह एक हजार से ज्यादा चर्म रोगी सामने आ रहे हैं।
जानिये....जुलाई से लेकर मार्च तक कितनों ने कराया चर्म रोग का उपचार
महीना- चर्म रोगियों की संख्या
जुलाई 2022 -666
अगस्त 2022 - 1071
सितंबर 2022 - 1337
अक्तूबर 2022 - 1252
नवंबर 2022 -1225
दिसंबर 2022 - 1373
जनवरी 2023 - 1115
फरवरी 2023 - 1339
मार्च 2023 -1000
चर्म रोग के उपचार के सिविल अस्पताल में बेहतर प्रबंध हैं। प्रत्येक वर्किंग-डे में विशेषज्ञ ओपीडी देखता है। औसतन एक हजार से ज्यादा मरीज हर माह अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चर्म रोग की ओपीडी गत वर्ष के मुकाबले बढ़ी है।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी