चरखी दादरी। आज उच्च रक्तचाप दिवस है। दादरी जिले की बात करें तो हर साल इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गत वर्ष की तुलना में इस साल 100 प्रतिशत अधिक मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2022 से लेकर अप्रैल 2023 तक उच्च रक्तचाप से ग्रस्त करीब 5500 मरीज उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। वहीं, वर्ष 2023-24 की बात करें तो मरीजों की संख्या 11000 पहुंच गई। अहम बात ये है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुष इसका अधिक शिकार बन रहे हैं।
दादरी जिले की बात करे तो यहां उच्च रक्तचाप के उपचार की सुविधा है। इसके लिए सिविल अस्पताल के पुराने भवन में एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजिज) क्लीनिक बनाया गया है। उच्च रक्तचाप का शिकार बने लोगों का उपचार यहां विशेषज्ञों की ओर से किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार एक दिन में एनसीडी क्लीनिक की ओपीडी 50 से पार रहती है।
दरअसल खान-पान समेत उच्च रक्तचाप के कई कारण हैं। मौजूदा समय में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और पुरुष इसके ज्यादा शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर कुछ बातों का ख्याल रखें तो उच्च रक्तचाप का शिकार होने से बच सकते हैं। इसके लिए कुछ सावधानियां बरतने के साथ जीवनशैली में कुछ बदलाव करना होगा।
पिछले तीन सालों में ये रहे उच्च रक्तचाप के मरीजों के आंकड़े
वर्ष - मरीज संख्या
2020-21- 3800
2021-22- 4400
2022- 23- 5500
2023-24- 11000
- ये हैं उच्च रक्तचाप के कारण
- जंक फूड का सेवन
- व्यायाम न करना
- तनाव हावी रहना
- शारीरिक मेहनत न करना
इन बातों का रखें ध्यान
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- नियमित व्यायाम करें।
- जितना हो सके शारीरिक मेहनत करें।
- समय पर आराम करें।
महिलाओं के मुकाबले 20 प्रतिशत पुरुष रोगी ज्यादा
उच्च रक्तचाप का शिकार महिला और पुरुष दोनों हो रहे हैं। हालांकि पुरुषों की तादाद महिलाओं से ज्यादा है। एनसीडी के जिला नोडल अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि पुरुष मरीजों की संख्या 60 फीसदी और महिला मरीजों की संख्या 40 फीसदी है।
पिछले एक साल में करीब 11000 उच्च रक्तचाप के मरीज सामने आए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने का कारण स्क्रीनिंग कार्य में आई तेजी है। अब काफी संख्या में जिलावासियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उसमें भी उच्च रक्तदान के छुपे मामले सामने आ रहे हैं। जिले में इसके उपचार के पुख्ता प्रबंध हैं और गत वर्ष की तुलना में उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या इस साल दोगुनी बढ़ी है।
-डॉ. केशव सोलंकी, नोडल अधिकारी, एनसीडी