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Charkhi Dadri News: 6 माह से बंद है गोवंश पकड़ो अभियान, एक और बुजुर्ग ने गंवाई जान

Sat, 02 Aug 2025 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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मृतक गणपतराय। स्रोत: परिजन
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मृतक गणपतराय। स्रोत : परिजन
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पिता के दम तोड़ने से पहले एसएचओ के नाम लिखी शिकायत दिखाते बेटा राजेश शर्मा। संवाद
- 30 जुलाई को सांड़ ने वार्ड-16 निवासी 80 साल के गणपतराय को उठाकर फेंका था सींग से, शनिवार दोपहर उपचार के दौरान हुई मौत
- बेटे ने नगर परिषद अधिकारियों को ठहराया पिता की मौत का जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर में लावारिस गोवंशों को पकड़ने की मुहिम 6 माह से बंद है। सड़कों पर चलने वाले नागरिक इनका शिकार बनकर जान गंवा रहे हैं। 30 जुलाई को सांड़ के हमले से घायल वार्ड-16 निवासी 80 वर्षीय गणपतराय ने शनिवार दोपहर उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक बुजुर्ग के बेटे राजेश शर्मा ने नगर परिषद के अधिकारियों को इसका जिम्मेदार ठहराया।
वार्ड-16 निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि 30 जुलाई को उनके पिता बाजार से घर की तरफ आ रहे थे। जब वह सरदार झाडू सिंह चौक के पास पहुंचे तो पीछे से आए लावारिस सांड़ ने उन्हें सींग पर उठाकर पीछे फेंक दिया। घायल बुजुर्ग को राहगीरों ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। शनिवार दोपहर उपचार के दौरान गणपतराय की मौत हो गई।
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राजेश ने बताया कि पिता के दम तोड़ने से पहले वह नगर परिषद अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग के लिए थाने पहुंचे, लेकिन, वहां उसकी शिकायत लेने के बजाय नगर परिषद कार्यालय में जाने की बात कही गई। राजेश ने बताया कि इसके बाद वह एसपी कार्यालय में जाते, लेकिन, उससे पहले ही अस्पताल से सूचना मिली कि उनके पिता की मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई के बजाय पिता के अंतिम संस्कार को प्राथमिकता दी। हालांकि, राजेश ने स्पष्ट किया कि वह सोमवार को दोषी पर कार्रवाई की मांग के लिए शिकायत करेंगे।
इस संबंध में एसएचओ, दादरी शहर पुलिस थाना सन्नी कुमार गोवंश की टक्कर से बुजुर्ग की मौत होने संबंधी शिकायत मेरे पास नहीं आई है। अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी।

- नवंबर में शुरू हुई मुहिम चली धीमी, जनवरी में रुकी
नगर परिषद ने नवंबर 2024 में गोवंशों को पकड़ने के लिए एजेंसी से अनुबंध किया था। 1400 रुपये प्रति गोवंश करार हुआ था। उस दौरान गोवंश को पकड़ने की जिम्मेदारी एजेंसी की थी। शुरुआत में कुछ दिन अभियान ठीक चला, लेकिन, उसके बाद धीमा हो गया। जनवरी के बाद से ही अभियान बंद है।


- इनके परिवारों को जीवनभर का दर्द दे चुके गोवंश

- करीब तीन साल पहले गली में टहल रही गामड़ी क्षेत्र निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला भतेरी देवी को गोवंश ने टक्कर मार दी। दो दिन के बाद उपचार के दौरान भतेरी की मौत हो गई थी।

- करीब पौने तीन साल पहले बाजार से घर लौट रहे वार्ड-18 निवासी विशाल की बाइक को सड़क पर लड़ रहे गोवंशों ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में घायल विशाल ने उपचार के दौरान दम तोड़ा था।
- करीब ढाई साल पहले वार्ड-15 निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला जीवनी देवी को सड़क पर लड़ रहे गोवंशों ने अपनी चपेट में ले लिया था। एक सप्ताह बाद महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई।

- करीब साढ़े तीन साल पहले वार्ड-18 निवासी जिले सिंह को गोवंश ने टक्कर मार दी थी। उस दौरान जिले सिंह सुबह घूमने निकले थे। घायल जिले सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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वर्सन
गोशाला संचालकों ने गोवंश लेने से मना कर दिया था। इससे एजेंसी ने अभियान बंद कर दिया। एक-दो दिन में फिर से बैठक होनी है। उम्मीद है कि सहमति बन जाए। गोवंश के हमले में घायल बुजुर्ग की मौत होने की जानकारी मुझे नहीं है।
-राजेश कुमार, सीएसआई, नगर परिषद
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