अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एडीजीपी वाई पूरण कुमार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के सेक्टर-3 स्थित आवास का घेराव किया और विरोध प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व यूथ कांग्रेस चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाणा ने किया।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज जैसी स्थिति पैदा हो गई। कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने घसीट कर गाड़ी में बिठाया और हिरासत में लेकर सेक्टर-3 थाना ले जाया गया।
लुबाणा ने आरोप लगाया कि हरियाणा की भाजपा सरकार एक होनहार आईपीएस अधिकारी को न्याय दिलाने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि पूरण कुमार ने आत्महत्या नहीं की बल्कि वे सरकार के गैरजिम्मेदाराना सिस्टम के सामने शहीद हुए हैं। लुबाणा ने कहा कि अगर देश के ऊंचे प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम जनता के साथ इस सरकार का रवैया कैसा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
यूथ विंग के प्रवक्ता साहिल चावर ने कहा कि यह देश में दलित वर्ग के खिलाफ पहली ऐसी घटना है जिसमें एक आईपीएस अधिकारी ने 8 पेज का सुसाइड नोट छोड़ते हुए अपनी जान दी और उसमें दोषियों के नाम भी लिखे। उनकी पत्नी पी. अमनीत जो खुद आईएएस अधिकारी हैं अपने पति के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है। चेतावनी दी कि अगर उनको न्याय नहीं मिला तो यूथ कांग्रेस आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन करेगी।
बॉक्स
अमनीत कुमार के समर्थन में उतरीं पीयू की छात्राएं
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की छात्राएं आईपीएस वाई पूरण की आत्महत्या मामले में उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार के समर्थन में आ गई हैं। पूरण की पत्नी पंजाब विश्वविद्यालय की एलुमनी हैं और छात्राओं ने उनके लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक सोच और जातिगत भेदभाव से जुड़ा हुआ है। छात्राओं ने कहा कि आज के समय में भी समाज में जातिवाद की गहरी जड़ें मौजूद हैं जिन्हें खत्म करने के लिए संवाद और संवेदनशीलता दोनों जरूरी हैं। पीयू के अन्य छात्रों की ओर से भी सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर इंसाफ की मांग की जा रही है। विद्यार्थियों ने निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। संवाद