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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा में 10 हजार करोड़ से ज्यादा की सड़क परियोजनाओं पर चल रहा काम

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- सांसद संजय भाटिया के सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिया ब्योरा
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- जनगणना संबंधी कार्य के लिए हरियाणा को अब तक 107.87 करोड़ रुपये किए जा चुके जारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्यसभा सांसद संजय भाटिया के हरियाणा में राष्ट्रीय हाईस्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति को लेकर पूछे सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सदन में 43 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत ब्योरा दिया है। मंत्रालय के अनुसार प्रदेश में 611.92 किलोमीटर लंबी 23 हाईस्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं करीब 33,167.85 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकी हैं। इनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा, इस्माइलाबाद-नारनौल कॉरिडोर, द्वारका एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।
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इसके अलावा 216.86 किलोमीटर लंबी सात परियोजनाएं लगभग 10,337.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन हैं। इनमें शामली-अंबाला कॉरिडोर, करनाल और अंबाला रिंग रोड, इस्माइलाबाद-अंबाला परियोजना, एनएच-152जी का जलभेड़ा-शाहबाद ग्रीनफील्ड खंड तथा डीएनडी-सोहना-जेवर स्पर परियोजना शामिल हैं। सरकार के अनुसार कई परियोजनाओं में 74 से 96 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। सांसद संजय भाटिया के जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर पूछे सवाल पर गृह मंत्रालय ने बताया कि हरियाणा में जनगणना-2027 का पहला चरण पूरा हो चुका है। इसके तहत 1 से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं आवास गणना कराई गई। इससे पहले 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा दी गई। पूरी प्रक्रिया मोबाइल एप्लीकेशन और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) के माध्यम से संचालित की गई। फील्ड कार्य शुरू होने से पहले मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण पूरा किया गया। केंद्र ने बताया कि इस कार्य के लिए हरियाणा को अब तक 107.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। यह राशि प्रशिक्षण, तकनीकी अवसंरचना, जनशक्ति सहायता और जनगणना अधिकारियों के मानदेय पर खर्च की जा रही है।
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