फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: खैर तस्करी के खुलासे के बाद जागा सिस्टम, अब जीरो टॉलरेंस का आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
- चेक पोस्ट मजबूत होंगे, नए नाके बनेंगे और डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ेगी
विज्ञापन

- खैर जैसे कीमती पेड़ों की कटाई पर सीधे केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी

कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। पंचकूला के आसरेवाली संरक्षित क्षेत्र से लेकर कलेसर, यमुनानगर तक हजारों खैर के पेड़ों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आने के बाद हरियाणा का वन विभाग अचानक अलर्ट मोड में आ गया है। लंबे समय तक आंखें मूंदे बैठे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि इतना बड़ा वन अपराध बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं माना जा रहा है।

अमर उजाला की ओर से खैर तस्करी के खुलासे के बाद राज्य सरकार से लेकर विभागीय सिस्टम तक हलचल तेज हो गई थी। वन विभाग के दोनों मुख्य अधिकारियों को हटाने के साथ अब विभाग ने सख्त आदेश जारी कर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक केसी मीणा की ओर से जारी आदेशों में साफ संकेत है कि अब लापरवाही या ढिलाई किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
विज्ञापन



संवेदनशील क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी
नए निर्देशों के मुताबिक प्रदेशभर में संरक्षित जंगलों के संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी और गश्त अनिवार्य कर दी गई है। चेक पोस्ट को हाईटेक बनाया जाएगा, नए नाके स्थापित होंगे और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। खैर जैसे कीमती पेड़ों की कटाई पर सीधे केस दर्ज कर गिरफ्तारी की बात कही गई है जिससे तस्करों में सख्त संदेश जाए।
विज्ञापन



वन अधिकारी-कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में होंगे
सबसे अहम बात यह है कि अब सिर्फ तस्कर ही नहीं बल्कि लापरवाह वन अधिकारी और कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में होंगे। विभाग ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी में चूक मिसकंडक्ट मानी जाएगी और इसके गंभीर परिणाम होंगे। सवाल अभी भी बरकरार हैं कि जब हजारों खैर के पेड़ कट रहे थे तब निगरानी तंत्र कहां था? क्या अब महकमा ऐसे मामलों को रोकने में गंभीर होगा या फिर यह आदेश भी औपचारिकता ही साबित होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें