नागरिक उड्डयन विभाग ने सुरक्षा संबंधी प्रबंधन सेवाओं के लिए मांगे आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हाल की विमान दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग सख्त नियम बनाने जा रही है। अब विमान व हेलिकॉप्टर को तब तक उड़ान की इजाजत नहीं दी जाएगी जब तक सभी सुरक्षा और परिचालन संबंधी मापदंड पूरी तरह से संतुष्ट न हो जाएं। हरियाणा के नागरिक उड्डयन विभाग ने सुरक्षा संबंधी इन प्रबंधन सेवाओं के लिए पात्र एजेंसियों से बोलियां आमंत्रित की हैं।
इनका उद्देश्य सुव्यवस्थित परिचालन निगरानी को मजबूत करना और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है, विशेष रूप से मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी को ले जाने वाली उड़ानों के लिए। इन सेवाओं में ई-फ्लाइट प्लानिंग, फ्लाइट डिस्पैच, फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) मॉनिटरिंग, मौसम संबंधी जानकारी, नोटाम (नोटिस टू एयरमेन) अपडेट, लोड और ट्रिम गणना, यात्री सूची तैयार करना, लाइसेंस मॉनिटरिंग और विभाग के सरकारी विमानों के बेड़े के लिए संबद्ध परिचालन सहायता सेवाएं शामिल हैं।
प्रस्तावित प्रणाली के तहत मुख्यमंत्री और अन्य विशेष अतिथियों को राज्य के विमान से यात्रा करने की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि सभी सुरक्षा और परिचालन संबंधी मापदंड पूरी तरह से संतुष्ट न हो जाएं। उड़ानें तभी आगे बढ़ेंगी जब मौसम की स्थिति निर्धारित विमानन सुरक्षा सीमाओं के भीतर प्रमाणित होगी।