अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून-2025 (वीबी-जी राम जी) को बेहतर बताया है। उन्होंने कहा कि इससे 125 दिन का रोजगार मिलेगा और हर सप्ताह मजदूरी मिलेगी। जीओ टैगिंग से भ्रष्टाचार मुक्त और बुआई-जुताई के समय कामगारों को 60 दिन का ब्रेक मिलेगा। हरियाणा भवन में प्रेस वार्ता के दौरान सीएम ने योजना के विरोध में उतरे हरियाणा-पंजाब कांग्रेस और पंजाब सरकार को मजदूर विरोधी बताकर निशाना साधा।
नायब सैनी ने कहा, श्रमिक अब भ्रष्ट ठेकेदारों, अधिकारियों या राजनेताओं की तिजोरियां भरने का काम नहीं करेंगे। 20 वर्ष पहले शुरू हुई योजना में कई सुधार भी किए गए हैं। पुरानी योजना में श्रमिकों के बजाय मशीनों का उपयोग करना, बजट, पहले से पूरी परियोजनाओं को दोबारा करना सहित अन्य खामियां थीं। राज्य में ग्रामीण गरीबी 2011-12 में 25 फीसदी थी। वर्तमान में यह घटकर 5 फीसदी के नीचे आ चुकी है।
सीएम ने कहा, नए कानून के लागू होने से देश में ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में 7 हजार रुपये से अधिक की वृद्धि होगी है। वहीं, हरियाणा में हर श्रमिक को न्यूनतम 10 हजार रुपये का लाभ होगी। देश में सबसे ज्यादा 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी हरियाणा में दी जाती है। पंजाब में 339 और हिमाचल में 236 रुपये मजदूरी है। केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये योजना के लिए आवंटित किए हैं। पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ थी। राज्य में 52 फीसदी अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों और 65 फीसदी से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला है।
भ्रष्ट ठेकेदार या अधिकारी फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण नहीं कर सकेंगे
सीएम के मुताबिक पहले पंजीकृत मजदूरों पर निगरानी सहित अन्य सुविधाएं नहीं होने के कारण भ्रष्टाचार था। अब बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण और उपस्थिति से फर्जी कर्मचारियों, डुप्लीकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतानों को रोका गया। वेतन और भत्तों का डिजिटल भुगतान अब बिचौलियों व वेतन भुगतान में देरी से निजात देगा। जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेज योजना के प्रत्येक संपत्ति की जियो-टैगिंग होगी और इसरो के भुवन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे भ्रष्ट ठेकेदार या अधिकारी फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण नहीं कर सकेंगे। इससे श्रमिकों की सूची, भुगतान, प्रतिबंध और निरीक्षण सार्वजनिक होगा।
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दुष्प्रचार कर रही पंजाब की आप सरकार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीबी–जी राम जी कानून को लेकर कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर पंजाब की आप सरकार जानबूझकर दुष्प्रचार फैला रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों के पास न तो कोई ठोस तर्क है और न ही गरीबों के हित में कोई वैकल्पिक सुझाव। जब भी केंद्र सरकार श्रमिकों और गरीबों के कल्याण के लिए कोई सुधार लाती है तो ये दल बिना तथ्य देखे विरोध शुरू कर देते हैं।
कांग्रेस–आप में बुआ–फूफड़ वाला रिश्ता
सीएम ने कहा कि 30 दिसंबर को पंजाब विधानसभा में वीबी जी राम जी एक्ट के खिलाफ पारित प्रस्ताव पूरी तरह राजनीति से प्रेरित था। इस प्रस्ताव में न कोई आंकड़ा है और न ही कोई ठोस तथ्य। पंजाब के सीएम भगवंत मान को प्रस्ताव पारित करने से पहले कानून को गंभीरता से पढ़ना चाहिए था। कांग्रेस और आप का रिश्ता बुआ–फूफड़ जैसा है जो मौके के हिसाब से साथ खड़े हो जाते हैं। अगर पंजाब सरकार को सच में मजदूरों की चिंता है तो वह भी हरियाणा की तरह 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने का फैसला करे।
गबन के मामलों में आप सरकार ने कार्रवाई नहीं की
सीएम सैनी ने 2013 की सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए शासन में मनरेगा में फर्जी लाभार्थियों की भरमार थी। पंजाब में हालात और भी चिंताजनक हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान मजदूरों ने शिकायत की कि ठेकेदार उनका हक हड़प रहे हैं। सोशल ऑडिट में 5,915 ग्राम पंचायतों में 10,663 वित्तीय गबन के मामले सामने आए लेकिन आप सरकार ने किसी पर कार्रवाई नहीं की।
भाजपाई घर-घर बांटेंगे पत्रक, पांच सदस्यीय समिति बनाई
वीबी-जीरामजी कानून को लेकर कांग्रेस ने सरकार की घेरेबंदी शुरू की तो भाजपा ने भी कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा ने रणनीति बनाई है कि 10 जनवरी तक भाजपाई प्रदेश और जिलास्तर पर कान्फ्रेंस कर कानून की खूबियां बताएंगे। कार्यकर्ता गांवों की चाैपालों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक और पदाधिकारी व कार्यकर्ता घर-घर जाकर पत्रक बांटेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी, प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने वर्चुअल बैठक करके आगामी रणनीति बताई। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस योजना को लेकर गुमराह करने और झूठ फैलाने में जुट गई है। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के इस झूठ को भी बेनकाब करेंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी ने बताया कि पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसका प्रदेश संयोजक प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया को बनाया गया है। सदस्य के रूप में सतीश नांदल, मदन चौहान, सत्यप्रकाश जरावता व ऊषा प्रियदर्शी को लिया गया है। इसी तरह जिलों में भी चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। इसमें एक संयोजक और तीन सदस्य होंगे। इन समितियों की देखरेख में ही वीबी जीरामजी के सम्मेलन और अन्य कार्यक्रम होंगे।