हरियाणा में में लगभग 650-700 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं, जो 90% मरीजों को सेवा प्रदान करते हैं। इन अस्पतालों को मार्च 2025 से केवल 10-15% बकाया भुगतान मिला है।
हरियाणा में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और चिरायु योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों में 7 अगस्त से मरीजों का इलाज बंद कर दिया था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हरियाणा ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया भुगतान और प्रशासनिक खामियों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया था। ऐसे में अब इस मुद्दे पर बड़ा अपडेट आया है।
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प्रदेश के निजी अस्पतालों ने 19 दिन बाद आयुष्मान लाभार्थियों का इलाज न करने के फैसले को वापस ले लिया है। मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि निजी अस्पतालों को भुगतान में एक महीने से ज्यादा देरी नहीं होगी।
आईएमए के अनुसार, राज्य में लगभग 650-700 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं, जो 90% मरीजों को सेवा प्रदान करते हैं। इन अस्पतालों को मार्च 2025 से केवल 10-15% बकाया भुगतान मिला है, जिससे छोटे अस्पतालों पर वित्तीय संकट गहरा गया है। डॉ. महाजन ने कहा कि पिछले दो वर्षों से भुगतान अनियमित हैं। सरकार ने 2024-25 के लिए केवल 700 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि जरूरत 2,000-2,500 करोड़ रुपये की है।