तेज तर्रार छवि व विवादों पर जुड़े रहने वाले वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका आज होंगे सेवानिवृत्त
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के तबादले की खबरें अक्सर आती हैं। मगर कुछ अफसरों के तबादलों की चर्चा खूब रहती है। हर तबादले के बाद नया विभाग, नई कार्यशैली और नए सहयोगियों के साथ काम करने की चुनौती। ऐसे ही अधिकारियों वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका बुधवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 33 साल के कार्यकाल में उनका 57 बार तबादला हुआ। वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील का खुलासा करने के बाद खेमका राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गए थे।
2023 में अशोक खेमका ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सतर्कता विभाग में तैनात होने की पेशकश की थी। उन्होंने लिखा था कि मैं सेवा के अंत में भ्रष्टाचार के खिलाफ असली लड़ाई लड़ने का वादा करता हूं। कोई भी व्यक्ति, चाहे कितना भी प्रभावशाली हो, बख्शा नहीं जाएगा।
हर छह माह में बदला विभाग
1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को उनकी ईमानदारी और साहसी फैसलों के लिए जाना जाता है। पूरी सेवा के दौरान औसतन हर छह माह में उनका विभाग बदला गया। पिछले कुछ वर्षों से साइड लाइन चल रहे खेमका अभी परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह प्रिंटिंग और स्टेशनरी विभाग में तैनात थे।
रॉबर्ट वाड्रा लैंड डील रद्द कर चर्चा में आए
2012 में अशोक खेमका कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े गुरुग्राम जमीन सौदे के म्यूटेशन को रद्द कर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए थे। उस समय हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी। उसी दौरान खेमका ने रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच हुए जमीन सौदे का म्यूटेशन रद्द करने का आदेश जारी किया था।
आईएएस संजीव वर्मा से विवाद
अप्रैल 2022 में दो आईएएस अधिकारियों के बीच विवाद काफी चर्चित रहा था। हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक (एमडी) संजीव वर्मा ने एक दशक से अधिक समय पहले खेमका के कार्यकाल में एचएसडब्ल्यूसी में हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के लिए खेमका समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए शिकायत भेजी थी। 2010 में खेमका के प्रबंध निदेशक रहते समय दो प्रबंधक ग्रेड-1 अधिकारी प्रदीप कुमार और सुरिंदर सिंह की भर्ती की थी। मामला पुलिस को सौंपे जाने से पहले वर्मा ने 20 अप्रैल को प्रदीप और सुरिंदर को बर्खास्त कर दिया। इसके बाद एसीएस स्तर के अधिकारी खेमका ने वर्मा के खिलाफ अपनी शिकायत में वर्मा और रविंदर पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था।
बृजभूषण और पहलवानों के विवाद में एंट्री
जनवरी 2023 में हरियाणा के पहलवानों और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद में भी अशोक खेमका की एंट्री हुई थी। अशोक खेमका ने एक्स हैंडल पर पहलवानों के समर्थन में पोस्ट लिखी थी। उन्होंने बृजभूषण की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग करने के साथ हरियाणा के पहलवानों को सच्चा नायक बताया था।