पहले चरण में बसों की ट्रैकिंग के लिए दो बार अपडेट किया गया
अगले चरण में बसों की आखिरी समय तक की लोकेशन मिलेगी
चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज की बसों की ट्रैकिंग को लेकर पहले चरण का काम पूरा हो गया है। पहले चरण में ट्रैकिंग सिस्टम को दो बार अपडेट किया गया है। अब अगले चरण का काम होगा और इसके लिए हरसेक (हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर) की मदद ली गई है। रोडवेज बसों में डिवाइस लगेंगे और इसका लाभ यह होगा कि बस का डिपो, बस संख्या और किस डिपो में बस खड़ी है और बस की आखिरी समय की लोकेशन भी मिलेगी।
हरियाणा रोडवेज की बसों में ई-टिकट के लिए 4500 मशीनें हैं। सभी मशीनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) के माध्यम से बसों की लोकेशन की ट्रैकिंग की जा रही है। पहले बस नंबर डालना होता था। फिलहाल बसों के रूट को लेकर बस कहां खड़ी है इसे लेकर लाल घेरा दिखता है जबकि नारंगी रंग में बस कहां चल रही यह दिखाई देता है।
पहले चरण में एक निजी एजेंसी के माध्यम से हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों ने काम कराया है। परिवहन मंत्री अनिल विज के आदेश पर बसों की ट्रैकिंग का काम हुआ है। मंत्री विज के आदेश पर हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर करने वालों के लिए ट्रैकिंग सिस्टम www.hartrans.gov.in पर खोल दिया गया है और कोई भी व्यक्ति वर्तमान में ट्रैकिंग सिस्टम का सहारा लेकर बसों की ट्रैकिंग कर सकता है। मंत्री विज का कहना है कि आमजन को बेहतर सुविधाएं दिलाने का उद्देश्य है।
रेलगाड़ियों की लोकेशन सिग्नल आधारित, बसों में होगा और बेहतर अपडेट
हरियाणा रोडवेज के तकनीकी विशेषज्ञों और दो निजी एजेंसियों ने बसों की ट्रैकिंग के लिए और बेहतर कार्य करने की योजना तय की थी। रेलवे की तरफ से रेलगाड़ियों की ट्रैकिंग की पद्धति को लेकर भी विशेषज्ञों से राय ली गई थी जिसमें पता चला कि रेल गाड़ी पटरियों पर दाैड़ती है और रेलवे का ट्रैकिंग सिस्टम सिग्नल पर आधारित है। ऐसे में सिग्नल से गुजरने के बाद ही रेलगाड़ी का अगला पड़ाव दिखता है, लेकिन बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटीडी) लगने से पल-पल की जानकारी होगी। पहले से दूसरे चरण में और बेहतर ट्रैकिंग होगी। फिलहाल ई-टिकट मशीन को परिचालक जहां लेकर खड़ा होता है वहीं बसों की लोकेशन दिखती है।
हरियाणा रोडवेज की बसों की इस तरह से अब हो रही लोकेशन ट्रैक। स्रोत : राज्य परिवहन विभाग