अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में शनिवार शाम को होने वाली माॅक ड्रिल में प्रदेश के 32,000 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक भी हिस्सा लेंगे। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस), होमगार्ड को बुलाकर उनकी तैनाती, कर्तव्यों और किए जाने वाले अभ्यासों के बारे में जानकारी दें।
अभ्यास के दौरान हवाई हमलों, मानव रहित हवाई वाहनों (ड्रोन) के खतरों से बचने का अभ्यास कराया जाएगा। इसमें हवाई हमले के सायरन को सक्रिय करना और भारतीय वायु सेना के साथ स्थापित नियंत्रण कक्ष संचार हॉटलाइन का परीक्षण शामिल है।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने बताया, इस अभ्यास का उद्देश्य मौजूदा आपातकालीन तंत्र का परीक्षण करना, नागरिक प्रशासन, रक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय में सुधार करना है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों की पहचान करना है, जिन्हें मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी संकट के दौरान त्वरित और प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
पहले यह मॉक ड्रिल 29 मई के लिए निर्धारित की गई थी, मगर गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था।
मुख्यालय की ओर से सभी आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में इस अभ्यास का सावधानीपूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्हें इस बारे में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मॉक ड्रिल में ये होगा
-गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार एक जिले में एक ही जगह पर मॉक ड्रिल होगी
-दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचने के तरीके बताए जाएंगे
-हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए जाएंगे
-आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों का भी परीक्षण किया जाएगा
-पूरी तरह से ब्लैकआउट सुनिश्चित करने की तैयारी
-महत्वपूर्ण ठिकानों, इमारतों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
-लोगों को खतरे वाली जगहों से सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी
-विमानों व मिसाइलों के हमले पर वायुसेना और नागरिक सुरक्षा नियंत्रण कक्ष के बीच हॉटलाइन स्थापित करने की तैयारी
-स्थानीय प्रशासन की तैयारियों और तत्परता परखना
-एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट एवं गाइड जैसे स्वयंसेवकों की सेवाएं लेने