9 महीने में 172 आरोपी रिश्वत लेते पकड़े गए, 21 मामलों में 26 दोषियों को कठोर कारावास की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल 21 अक्तूबर 2026 तक ब्यूरो ने रिश्वत लेते पकड़ने के 171 ट्रैप केस दर्ज किए हैं। वर्ष 2022 में दर्ज 170 मामलों का रिकॉर्ड भी इस साल टूट गया है। ब्यूरो प्रमुख डॉ. एएस चावला ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने, लोगों को दफ्तरों के चक्कर कटवाने और पद का दुरुपयोग कर परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारी ब्यूरो के रडार पर हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरो के अनुसार 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 तक अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ कुल 191 आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें 155 ट्रैप केस थे जिनमें 172 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। इनमें 16 राजपत्रित अधिकारी, 131 गैर राजपत्रित कर्मचारी और 25 निजी व्यक्ति शामिल हैं। इस साल 30 सितंबर तक भ्रष्टाचार से जुड़ी 88 नई जांच शुरू कीं गईं। वहीं, 15 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 61 जांच पूरी हुईं। इनमें से 16 जांचों के आधार पर 74 राजपत्रित अधिकारियों और 20 गैर राजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके अलावा 10 जांचों में आपराधिक मामले दर्ज करने की सिफारिश भी की गई।
ब्यूरो में दर्ज 21 मामलों में जनवरी से सितंबर 2026 तक 26 आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इनमें 23 अधिकारी-कर्मचारी और तीन निजी व्यक्ति शामिल हैं। दोषियों में बिजली, पुलिस, शिक्षा, राजस्व, सिंचाई और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। डॉ. चावला ने कहा कि शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया गया है। ब्यूरो का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।