लाइव लोकेशन के आधार पर कचरा संग्रहण के वाहनों और कर्मचारियों की सटीक जानकारी मिलेगी
चंडीगढ़। सरकार ने प्रदेश में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए धरातल पर गंभीरता से काम शुरू कर दिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने घर-घर से कचरा उठाने के कार्य की सीधे निगरानी के लिए रियल टाइम ट्रैकिंग पोर्टल और मोबाइल एप का शुभारंभ किया। अब प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के सफाई वाहनों व कर्मचारियों की लाइव लोकेशन की ऑनलाइन सटीक जानकारी मिल सकेगी। आम लोग भी लाइव लोकेशन का पता लगा सकेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी जिला नगर आयुक्तों (डीएमसी) और नगर निगम आयुक्तों (एमसी) के साथ समीक्षा बैठक की। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी बैठक में शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि स्वच्छता हमारी पहली प्राथमिकता है। प्रदेश में कहीं भी कचरे के ढेर नहीं दिखने चाहिए, सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। आम लोग अपने क्षेत्र में कचरा ढुलाई से जुड़े वाहनों की लाइव ट्रैकिंग के लिए मोबाइल एप को डाउनलोड कर सकते हैं। फिलहाल प्रदेश की 37 नगर पालिकाएं पोर्टल से जोड़ी जा चुकी हैं। स्वच्छता के लिए बेहतर कार्य करने वाली निकाय संस्थाओं और एजेंसियों को सम्मानित किया जाएगा। जिन निकायों में अभी तक सफाई के टेंडर नहीं हुए हैं, उन्हें सात दिनों के अंदर मुख्यालय को ब्योरा देना होगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राजस्व लक्ष्य को पूरा करने और अवैध प्रचार सामग्री तुरंत हटवाने के आदेश दिए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक पंकज, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू आदि शामिल रहे।
इस तरह से कर सकेंगे ट्रैकिंग
योजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि गूगल पर https://swm.ulbharyana.gov.in/ सर्च करना होगा। फिर आपके सामने कई विकल्प होंगे। कर्मचारी और वाहन के अलावा ठेकेदार को अंतिम महीने किए गए भुगतान का विकल्प दिखेगा। तीसरे विकल्प के रूप में सफाई के कार्य से जुड़े ठेकेदार या एजेंसी के नाम और चाैथे विकल्प में कचरा उठाने वाले वाहनों की ट्रैकिंग। आमजन को जो भी जानकारी लेनी होगी, उसका ब्योरा संबंधित विकल्प पर क्लिक करते ही सामने आ जाएगा।
निकाय क्षेत्रों में 15 जून तक भरने होंगे गड्ढे
मुख्यमंत्री ने निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने का कार्य 15 जून तक करा लिया जाए। जिन ठेकेदारों की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रत्येक शहर में आवागमन वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसी तरह बरसाती सीजन से पहले 15 जून तक नालों व सीवरेज की सफाई के आदेश दिए हैं।
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मेयर, चेयरमैन व पार्षदों को मिलेगा स्टडी टूर का माैका
समाधान शिविरों की शिकायतों का गंभीरता के साथ समाधान के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, जल प्रबंधन, सड़कों की मरम्मत व निर्माण के कार्य बेहतर तरीके से कराने पर नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं के मेयर, चेयरमैन, व पार्षदों को स्टडी टूर का माैका मिलेगा।