चंडीगढ़। प्रदेश की भाजपा सरकार न तो अपराध रोक पा रही है न नशे के काले कारोबार पर लगाम लगा पा रही है। कानून व्यवस्था चौपट होने के चलते नशा तस्करों की पहली प्राथमिकता हरियाणा है जहां उन्हें कोई भय नहीं और वो निर्भीक होकर अपना धंधा चला रहे हैं। कांग्रेस सरकार के समय जो युवा खिलाड़ी बनते थे अब भाजपा राज में नशेड़ी बन रहे हैं। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर निशाना साधते हुए यह कहा।
हुड्डा बोले कि नशा बेचने वाले व्हाटसएप, इंस्टाग्राम, स्नैप चैट जैसे हाईटेक माध्यमों से अपना धंधा चला रहे हैं। दवा की दुकानों से भी नशीली दवाइयां, ड्रग और इंजेक्शन खरीद कर आए दिन हरियाणा के युवा ओवरडोज से मौत के मुंह में समा रहे हैं।
एनसीआरबी के आंकड़े के अनुसार हर साल औसतन 47 से 50 युवा नशे या ओवरडोज के कारण दम तोड़ रहे हैं। सिरसा, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत और नूंह तो सिंथेटिक नशे के गढ़ बन चुके हैं। नशे के अलावा प्रदेश में जहरीली और नकली शराब से 2016 से 2022 तक करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।