हरियाणा पुलिस का ऑपरेशन ट्रैक-डाउन मिशन के तहत पुलिस ने 9 दिनों में गंभीर अपराधों में वांछित, फरार और इनामी अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए 2,000 से अधिक अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस अभियान के दौरान मिली सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), बहादुरगढ़ यूनिट की कार्रवाई, जिसने कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग के एक सक्रिय सदस्य, मनोज उर्फ चोटिया को धर दबोचा है। मनोज उर्फ चोटिया पर 10 हजार का इनाम घोषित था और वह नारनौल पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में वांछित था।
ऑपरेशन ट्रैक-डाउन' की सफलता केवल संगठित गिरोहों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर व्यक्तिगत अपराधों में वांछित अपराधियों पर भी समान रूप से प्रभावी रहा है। सिरसा पुलिस ने एसपी दीपक सहारन के नेतृत्व में इस अभियान के दौरान, हत्या के मामले में पिछले करीब चार साल से फरार चल रहे 5 हजार के इनामी बदमाश जोनी को गिरफ्तार किया। जोनी, जो गांव नथौर (रानियां थाना क्षेत्र) का निवासी है, अगस्त 2024 में दर्ज एक हत्या के अभियोग में वांछित था। यह अपराधी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदल रहा था, जिसमें राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न क्षेत्र शामिल थे। सिरसा पुलिस की एवीटी स्टाफ, सिरसा के सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार व उसकी टीम ने महत्वपूर्ण सूचनाओं और अथक प्रयासों के आधार पर उसे पड़ोसी राज्य राजस्थान के सरदारपुर (जिला हनुमानगढ़) से पकड़ने में कामयाबी हासिल की।
आईजी स्टेट क्राइम ब्रांच राकेश आर्य ने बताया कि ऑपरेशन ट्रैक-डाउन मिशन ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि हरियाणा में या तो अपराध छोड़ दो या जेल जाने के लिए तैयार रहो। 9 दिनों के इस अभियान में, पुलिस ने कुल 2165 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, 438 कुख्यात और हार्डकोर अंतरराज्यीय अपराधी भी जेल भेजे गए हैं, जो चोरी, डकैती, हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराधों में शामिल थे।
इस अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिसके तहत आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है। 13 नवंबर 2025 तक, कुल 118 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, जिसमें अकेले 13 नवंबर को 23 कुख्यात अपराधी शामिल थे। हिस्ट्रीशीट खोलने का उद्देश्य इन अपराधियों पर पुलिस की निरंतर और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करना है, ताकि वे जमानत पर छूटने के बाद दोबारा अपराध न कर सकें।