पीएम मोदी रैली के माध्यम के सैनी की पीठ थपथपाने के साथ बिहार चुनाव को साधने वाले थे
तैयारियों में जुटी थी भाजपा, सोनीपत में तैयारियों का जायजा ले रहे थे सीएम तभी आई स्थगन की सूचना
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। दिवंगत आईपीएस वाई पूरण कुमार के शव का सातवें दिन भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इस प्रकरण से न सिर्फ नायब सैनी सरकार की पहली वर्षगांठ का जश्न ठंडा पड़ गया है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 17 अक्तूबर को सोनीपत में होने वाली रैली भी स्थगित कर दी गई है। रैली की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह व उनकी टीम एक सप्ताह से जोर-शोर से तैयारी कर रही थी। खुद सीएम इस रैली का न्योता पीएम मोदी को देकर आए थे।
यह रैली न सिर्फ सीएम सैनी के लिए महत्वपूर्ण थी बल्कि पीएम मोदी भी रैली के जरिये बिहार चुनाव को साधने की तैयारी में थे। वह रैली के जरिये संदेश देने वाले थे कि भाजपा सरकार जो कहती है वह करके दिखाती है। सैनी सरकार का एक साल का ब्योरा वह रैली के माध्यम से रखने वाले थे। मगर वाई पूरण कुमार की आत्महत्या से सभी योजनाएं धरी रह गईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रैली के स्थगन की जानकारी उस समय आई जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली सोनीपत में रैली की तैयारियों का जायजा ले रहे थे। उसके बाद नायब सैनी ने न सिर्फ अपना दिल्ली दौरा रद्द किया बल्कि नूंह में मंगलवार को होने वाले कार्यक्रम में भी शामिल न होने का आदेश दे दिया। भाजपा सोनीपत की रैली हरियाणा में नायब सैनी सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में करने जा रही थी। हालांकि हरियाणा सरकार बीते चार दिनों से वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार व उनके परिजनों को मनाने की पुरजोर कोशिश में जुटी है। वहीं, भाजपा हाईकमान भी इस पूरे प्रकरण में हरियाणा सरकार के रवैये से संतुष्ट नहीं है।
राहुल के दौरे से कहीं यह मामला रोहित वेमुला जैसा न बन जाए
राहुल गांधी के अमनीत कुमार से मिलने उनके आवास पर आने की सूचना के बाद इस पूरे मामले में हलचल बढ़ गई है। राहुल गांधी मंगलवार शाम को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि उनके आने के बाद यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में छा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि कहीं यह मामला हैदराबाद विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र रोहित वेमुला जैसा न बन जाए। रोहित का मामला इतना उठा था कि केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा था। रोहित वेमुला ने कथित जातिगत भेदभाव की वजह से आत्महत्या की थी।
बिहार चुनाव में भी पड़ सकता है असर
पूरण कुमार का मामला यदि एक-दो दिन में नहीं सुलझा तो इसका असर बिहार चुनाव में भी देखा जा सकता है। बिहार में चुनावी ताल ठोक रहे राजनीतिक दल भी इस मामले को उठा रहे हैं। एनडीए के सहयोगी व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुुंच रहे हैं।