इस बार करीब 440 हजार हेक्टेयर धान का लक्ष्य हुआ कम
हरियाणा में आठ फसलों की रोपाई-बुवाई का लक्ष्य तय किया
चंडीगढ़। प्रदेश में खरीफ 2025 की रोपाई-बुवाई का लक्ष्य तय कर लिया गया है। इस बार 1397 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई होगी। धान के अलावा ज्वार, बाजरा, मक्का, खरीफ के समय में दालों की फसलों की बुवाई का भी लक्ष्य तय किया है। वहीं, पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 440 हजार हेक्टेयर धान का लक्ष्य कम हुआ है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान की रोपाई का कार्य जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होगा। मक्का, बाजरा, ज्वार और दालों की बुवाई जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक होगी। वहीं, कपास फसल की बुवाई शुरू हो चुकी है, जोकि 12 जून तक होगी। वहीं, पिछले सालों की तुलना में 2025 तक धान की रोपाई का लक्ष्य कम हुआ है, इसके पीछे प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन राशि को माना जा रहा है।
धान की फसल छोड़ने वालों को सरकार दे रही प्रोत्साहन राशि
धान की फसल का उत्पादन करने में अधिक पानी की आवश्यकता होती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के समय में एक किलो ग्राम चावल तैयार करने में 2500 से 3000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जो भी किसान धान की फसल के बजाय दूसरी फसल का उत्पादन करते हैं तो सरकार उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में सात हजार रुपये प्रति एकड़ देती है। प्रोत्साहन राशि पाने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर ब्योरा देना होता है।
खरीफ की फसल के लक्ष्य के अनुसार सभी जिलों में काम होगा। संबंधित अधिकारी अपने स्तर से भी कार्य को देखेंगे।
श्याम सिंह राणा, हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री