चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारी जयवीर आर्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने आर्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई की अनुमति मांगी थी। जांच के दौरान पाया गया कि ब्यूरो ने छापे से पहले धारा 17ए के तहत आवश्यक सरकारी अनुमति नहीं ली थी। इसी वजह से जयवीर पर केस चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
सरकार ने इस मामले में एडवोकेट जनरल से कानूनी राय ली थी। एडवोकेट जनरल ने कहा कि बिना पूर्व अनुमति के कार्रवाई कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। सरकार ने उनकी राय को मानते हुए अभियोग पर सहमति नहीं दी। ब्यूरो
यह है मामला
एसीबी की एफआईआर के मुताबिक वेयरहाउसिंग की जिला प्रबंधक रिंकू हुड्डा ने कुरुक्षेत्र में पोस्टिंग कराने के एवज में हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के तत्कालीन एमडी जयवीर सिंह आर्य पर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इसमें तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। रिंकू के पति की शिकायत पर एसीबी ने 12 अक्तूबर 2023 को एक ही दिन में पहले एक बिचौलिया, फिर जयवीर आर्य और उनके एक स्टाफ कर्मी को गिरफ्तार किया था। नवंबर 2023 में जयवीर को कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई थी। वह तकरीबन 40 दिन जेल में रहे थे। वर्तमान में आर्य हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सचिव पद पर तैनात हैं।